महाराजगंज के जरती माई और मां गढ़देवी मंदिर सहित बड़हरिया के यमुनागढ़ भवानी मंदिर का लिया जायजा, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर मंथन
ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने की पहल, डीएम विजय प्रकाश मीणा ने अधिकारियों और मंदिर समितियों से मांगी विस्तृत जानकारी
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। सीवान
सीवान जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले पर्यटन स्थलों के विकास की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने लगातार दूसरे दिन जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महाराजगंज और बड़हरिया प्रखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उपलब्ध सुविधाओं, ऐतिहासिक महत्व और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन समितियों के सदस्यों से बातचीत कर पर्यटन विकास की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
जरती माई मंदिर पहुंचे डीएम, 150 वर्ष पुरानी आस्था से जुड़ी परंपरा की ली जानकारी
महाराजगंज के इंदौली गांव स्थित प्रसिद्ध जरती माई मंदिर का जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार करीब 150 वर्ष पहले गांव के झपसी भगत असम में काम करते थे। माता कामाख्या के प्रति उनकी विशेष आस्था थी। गांव लौटने के बाद उन्होंने यहां माता की पूजा शुरू की। वर्ष 1996 में मंदिर का निर्माण कराया गया।
चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जिलाधिकारी ने मंदिर की व्यवस्थाओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली।

मां गढ़देवी मंदिर के विकास पर मंथन, राजकीय महोत्सव का मिला है दर्जा
महाराजगंज अनुमंडल के बलिया पोखरा स्थित मां गढ़देवी मंदिर का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थल का इतिहास वर्ष 1600 ईस्वी से जुड़ा है। यहां लंबे समय से माता की पूजा होती रही है।
वर्ष 2024 से यहां आयोजित महोत्सव को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डीएम ने अधिकारियों और मंदिर समिति से विकास की संभावनाओं पर चर्चा की।
यमुनागढ़ भवानी मंदिर और तालाबों के सौंदर्यीकरण की संभावनाओं का लिया जायजा
बड़हरिया प्रखंड के कोइरीगांवा स्थित यमुनागढ़ भवानी मंदिर पहुंचकर जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मंदिर का निर्माण हथुआ के राजा ने कराया था।
मकर संक्रांति पर यहां भव्य मेला लगता है। मंदिर के आसपास स्थित तालाब इसकी प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाते हैं। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
पर्यटन स्थलों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और भूमि विवरण जुटाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पर्यटन स्थलों के ऐतिहासिक महत्व, अभिलेखीय साक्ष्य, भूमि विवरण, धार्मिक न्यास परिषद से मान्यता, संचालित सरकारी योजनाओं और पर्यटकों की अनुमानित संख्या सहित विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी सह विशेष कार्य पदाधिकारी बालेंदु नारायण पांडेय, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव, पर्यटन शाखा की प्रभारी वरीय उपसमाहर्ता नीलम कुमारी, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक मिन्हाजुद्दीन और महाराजगंज की अनुमंडल पदाधिकारी अनीता सिन्हा उपस्थित रहीं।
इसके अलावा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और भवन निर्माण विभाग के अभियंता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी उपेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पर्यटन स्थलों की मौजूदा स्थिति और विकास की संभावनाओं का आकलन करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है।






