कहा—जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। पटना/गोपालगंज |
उचकागांव प्रखंड में बुधवार को “प्रशासन जनता के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों द्वारा आम लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए अलग-अलग स्टॉल लगाए गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन अधिकारियों को सौंपे।

कार्यक्रम का निरीक्षण करते हुए जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने सभी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने कहा कि “प्रशासन जनता के द्वार” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकें और उनका समय पर समाधान हो सके।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न विभागों के स्टॉल पर मौजूद अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं, जिनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

कार्यक्रम में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, आपूर्ति, श्रम संसाधन, जीविका सहित कई विभागों के स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र लाभुकों के आवेदन भी स्वीकार किए गए। कई ग्रामीणों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं जैसे भूमि विवाद, पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना और अन्य योजनाओं से जुड़ी शिकायतें अधिकारियों को सौंपीं।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से आम लोगों को काफी सहूलियत मिलती है, क्योंकि उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ता। प्रशासन स्वयं गांव और प्रखंड स्तर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करता है।
कार्यक्रम के दौरान सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।

अधिकारियों ने कार्यक्रम में प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने का आश्वासन दिया और कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है।






