Munger: शेखपुरा के सरकारी अस्पताल में गर्भ ठहरने के बाद भी कर दिया महिला का बंध्याकरण, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

Share

शेखपुरा के बरबीघा में दो माह की गर्भवती महिला का लापरवाही से किया ऑपरेशन, जांच शुरू

सेंट्रल डेस्क l केएमपी भारत l भागलपुर

रंजीत विद्यार्थी । शेखपुरा (मुंगेर)।
मुंगेर प्रमंडल के शेखपुरा जिले से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बरबीघा प्रखंड के शेरपर गांव में रहने वाली एक महिला, जो दो माह की गर्भवती थी, का सरकारी अस्पताल में बंध्याकरण कर दिया गया। घटना सामने आने के बाद विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया और जांच के आदेश दे दिए गए।

पीड़िता चमेली देवी के पति शंभू मांझी ने बताया कि पिछले सप्ताह वे पत्नी को लेकर बरबीघा रेफरल अस्पताल पहुंचे थे। वहां चिकित्सक ने पहले कई तरह की जांच कराने को कहा। प्राइवेट जांच केंद्र में करीब 2,400 रुपये खर्च करने के बाद भी उन्हें रिपोर्ट वापस नहीं दी गई। जांच के बाद महिला का बंध्याकरण ऑपरेशन कर दिया गया।

शंभू ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के चार दिन बाद जब उनकी पत्नी की प्रेग्नेंसी जांच कराई गई, तो पता चला कि वह दो माह की गर्भवती हैं। शिकायत करने पर अस्पताल कर्मचारियों ने कथित तौर पर उनकी पत्नी को जबरन ऊपर ले जाकर अबॉर्शन कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि समय रहते वे पत्नी को वहां से ले आए, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।

इस मामले पर बरबीघा रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक ने कहा कि प्रकरण गंभीर है। एक मेडिकल टीम पीड़िता के घर जाकर बयान लेगी और पूरे मामले की जांच करेगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में बंध्याकरण के नाम पर अक्सर लापरवाही होती है। वे मांग कर रहे हैं कि दोषियों को बख्शा न जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728