तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार की मजबूत तैयारी, छात्राओं के लिए खास पहल
एजुकेशन डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सिवान।
जिले के जीरादेई स्थित डिवाइन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान की ओर से डिप्लोमा इन मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस और सिविल इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। संस्थान प्रबंधन का दावा है कि यहां छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। https://youtu.be/FntLYACY5Go?si=A7ZLvISZnoYXyi4N

AICTE और SBTE से मान्यता प्राप्त संस्थान
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर जोर
संस्थान के प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय ने बताया कि यह संस्थान एआईसीटीई, नई दिल्ली एवं एसबीटीई, बिहार से मान्यता प्राप्त है। यहां पढ़ाई के दौरान छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ प्रायोगिक ज्ञान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आधुनिक लैब, अनुभवी शिक्षक और इंडस्ट्री-आधारित प्रोजेक्ट्स के माध्यम से छात्रों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों में व्यावहारिक कौशल होना जरूरी है। इसी उद्देश्य के साथ संस्थान में पढ़ाई का माहौल तैयार किया गया है।
“हमारी बेटी हमारी शान” योजना से छात्राओं को बड़ी राहत
90% से अधिक अंक लाने वाली छात्राओं का नामांकन शुल्क माफ
संस्थान ने बेटियों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए एक सराहनीय पहल की है। “हमारी बेटी हमारी शान” योजना के तहत हाई स्कूल या इंटरमीडिएट में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं का नामांकन शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा।
प्राचार्य ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की मेधावी छात्राओं को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि कई बार आर्थिक कारणों से प्रतिभाशाली बेटियां तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाती हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से मिलेगी आर्थिक सहायता
तीन लाख तक का शिक्षा ऋण, फीस और पढ़ाई की चिंता कम
संस्थान में नामांकन लेने वाले छात्रों को बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ भी मिलेगा। इसके तहत छात्र-छात्राएं तीन लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस राशि से वे अपनी फीस, किताबें और अन्य शैक्षणिक जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं।
संस्थान प्रबंधन का मानना है कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है।
लैटरल एंट्री से 2 साल में डिप्लोमा पूरा करने का मौका
आईटीआई और 12वीं पास छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
डिवाइन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की एक और विशेषता लैटरल एंट्री सुविधा है। इसके तहत 12वीं या आईटीआई पास छात्र सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश लेकर मात्र दो वर्षों में डिप्लोमा कोर्स पूरा कर सकते हैं। इससे समय की बचत होती है और छात्र जल्दी रोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
इंडस्ट्री से जुड़ी पढ़ाई, रोजगार पर फोकस
औद्योगिक भ्रमण और वर्कशॉप से मिलता है वास्तविक अनुभव
संस्थान में छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें उद्योगों से जोड़ने के लिए नियमित औद्योगिक भ्रमण, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। इससे छात्रों को वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव मिलता है और वे नौकरी के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं।
समय पर नामांकन की अपील
प्राचार्य डॉ. पांडेय ने सभी इच्छुक छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे समय रहते नामांकन कराएं और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को संवारें। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर और रोजगार के योग्य बनाना है।






