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सीवान जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर लगे एलईडी टीवी पर भोजपुरी अश्लील गाना चलने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की बड़ी कार्रवाई, 13 फरवरी की थी घटना
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान
सीवान जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर लगे एलईडी टीवी पर भोजपुरी अश्लील गाना चलने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संविदा कर्मी सलमान अली को गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पुष्टि रेलवे सुरक्षा बल, सीवान के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव ने की। हालांकि इस पूरे मामले में संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर रेलवे विभाग ने अब तक चुप्पी साध रखी है। https://youtube.com/shorts/Phgl_v9sUJ0?si=qbsEdJ3B1OAyaDHy
यह घटना 13 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। मालूम हो कि आमतौर पर जंक्शन परिसर में लगे एलईडी टीवी का उपयोग यात्रियों को सुरक्षा संबंधी संदेश, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अधिकृत विज्ञापन दिखाने के लिए किया जाता है। लेकिन इस बार प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर लगे टीवी स्क्रीन पर अचानक भोजपुरी अश्लील गाना प्रसारित होने लगा।
सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मचा हड़कंप
घटना का वीडियो किसी यात्री द्वारा रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। देखते ही देखते यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया और रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
वायरल वीडियो के बाद रेलवे विभाग हरकत में आया और जांच शुरू की गई।
कमर्शियल सुपरवाइजर के आवेदन पर दर्ज हुई प्राथमिकी
रेलवे सुरक्षा बल, सीवान के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि इस मामले में कमर्शियल सुपरवाइजर सिवान कुमार राकेश के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान सामने आया कि एलईडी टीवी का संचालन संविदा कर्मी के माध्यम से किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि जीबी नगर थाना क्षेत्र के चौकी हसन निवासी 23 वर्षीय संविदा कर्मी सलमान अली को गिरफ्तार कर लिया गया है।
अमृतसर की एजेंसी के अधीन संचालित है एलईडी टीवी
चर्चाओं कि माने तो जांच में यह सामने आया कि सीवान जंक्शन पर लगा एलईडी टीवी अमृतसर की एक एजेंसी के अधीन संचालित किया जा रहा है। यानी टीवी के संचालन की जिम्मेदारी निजी एजेंसी के पास थी।
ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या एजेंसी की निगरानी में चूक हुई या यह लापरवाही का मामला है।
विभाग ने साधी चुप्पी
जब इस मामले में एजेंसी के खिलाफ संभावित कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया तो जन संपर्क अधिकारी अशोक कुमार का फोन डीआरएम वाराणसी के सचिव आर.के. साह ने उठाया। उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं है।
बताया कि जन संपर्क अधिकारी अशोक कुमार इस समय डेपुटेशन पर गोरखपुर गए हुए हैं, जिसके कारण आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आ सकी है।
जिम्मेदारी तय करने पर उठ रहे सवाल
संविदा कर्मी की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पूरी जिम्मेदारी सिर्फ एक कर्मचारी पर डालकर मामला समाप्त कर दिया जाएगा या फिर एजेंसी की जवाबदेही भी तय होगी?
फिलहाल रेलवे प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए लगाए गए सिस्टम का इस तरह दुरुपयोग होना गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
अब देखना यह होगा कि आगे इस मामले में एजेंसी पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।






