आंगनबाड़ी सेविका–सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग बुलंद
संवाददाता। बसंतपुर। सिवान।
बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (एटक) से संबद्ध सिवान जिला सम्मेलन का आयोजन रविवार 8 फरवरी 2026 को दशरथ विवाह भवन, मलमलिया चौक में किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता अध्यक्ष मंडली की बहनों इलायची देवी (लकड़ी नबीगंज), विभा कुमारी (बसंतपुर) एवं रिंकी कुमारी (सिवान सदर) ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन हसनपुरा के प्रसिद्ध शिक्षाविद् व शिक्षक विनोद कुमार ने किया।

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सम्मेलन का उद्घाटन स्थानीय जिला पार्षद रेणु यादव, यूनियन के महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह, एटक बिहार के महासचिव अजय कुमार, प्रदेश अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह, एटक के प्रदेश कोषाध्यक्ष अमरनाथ एवं सेवा निवृत्त संयुक्त सचिव अर्जुन कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
उद्घाटन सत्र में जिला पार्षद रेणु यादव ने आंगनबाड़ी सेविका–सहायिकाओं को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि अपनी जायज मांगों के लिए सेविका–सहायिकाओं को एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाना होगा।

एटक बिहार के महासचिव अजय कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा पारित चार श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी और “काला कानून” बताते हुए कहा कि इसे समाप्त कराने के लिए व्यापक संघर्ष जरूरी है। उन्होंने 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया।
यूनियन के महासचिव कुमार विंदेश्वर सिंह ने राज्य सरकार द्वारा मानदेय में की गई वृद्धि को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि यह “ऊंट के मुंह में जीरा” के समान है। उन्होंने सेविका–सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक यह दर्जा नहीं मिलता, तब तक सेविका को 26 हजार रुपये और सहायिका को 18 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाना चाहिए।
प्रदेश अंकेक्षक गौतम कुमार सिंह ने कहा कि जब तक सेविका–सहायिकाओं को राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने ग्रेच्युटी एवं मोबाइल से संबंधित आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऑनलाइन कार्य एवं एफआरएस के सम्यक क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक डाटा इंट्री ऑपरेटर की बहाली की आवश्यकता बताई।

सम्मेलन में राज्य उपाध्यक्ष पूनम श्रीवास्तव ने सभी सेविका–सहायिकाओं से नियमित रूप से सदस्यता नवीनीकरण करने और नए सदस्यों को जोड़कर यूनियन को मजबूत बनाने का आग्रह किया। सेवा निवृत्त संयुक्त सचिव अर्जुन कुमार सिन्हा ने यूनियन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संगठन को और सबल बनाने का आह्वान किया। वहीं एटक के प्रदेश कोषाध्यक्ष अमरनाथ ने केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए एकजुट संघर्ष पर जोर दिया।
सम्मेलन में बसंतपुर की सेविका ममता कुमारी, प्रियंका कुमारी, खुशबू कुमारी, मीना कुमारी, भरत शर्मा, राजेन्द्र प्रसाद, हरे राम मांझी सहित जिले के विभिन्न परियोजनाओं से बड़ी संख्या में सेविका–सहायिकाएं शामिल हुईं।
इस अवसर पर नई जिला कमिटी का चुनाव किया गया, जिसमें पूनम श्रीवास्तव को पुनः अध्यक्ष, प्रमिला कुमारी को महासचिव, अनिता कुमारी, सबीना खातून एवं नीलम देवी को उपाध्यक्ष, नीतू कुमारी, इलायची देवी एवं अमिता कुमारी को सचिव तथा कंचनबाला को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके साथ ही 29 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया।






