जिला प्रशासन और पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 871 किलो पटाखे सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त, 8 प्राथमिकी दर्ज
दीपावली और छठ को लेकर चलाए गए विशेष अभियान में 14 प्रतिष्ठानों के पास मिले लाइसेंस, इनमें 10 की अवधि समाप्त; अग्नि सुरक्षा और भंडारण व्यवस्था की भी जांच
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय | सीवान
सीवान जिले के आलमपुर में पटाखा विस्फोट की घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने पटाखों के अवैध कारोबार तथा भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। दीपावली और छठ महापर्व के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के संयुक्त निर्देश पर 24 और 25 अक्टूबर को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित पटाखा दुकानों और गोदामों की सघन जांच की गई। इस दौरान 268 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। नियमों का उल्लंघन मिलने पर आठ गोदामों को सील कर दिया गया, जबकि अवैध पटाखा भंडारण और बिक्री से संबंधित मामलों में आठ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
268 दुकानों की जांच में सामने आई अनियमितताएं
जिला प्रशासन के अनुसार, विशेष अभियान के दौरान कुल 268 पटाखा दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें 14 प्रतिष्ठानों के पास विस्फोटक लाइसेंस पाए गए। हालांकि, जांच में केवल चार लाइसेंस वैध मिले, जबकि शेष 10 की अवधि समाप्त हो चुकी थी।

जांच दल ने लाइसेंस की वैधता, अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा और प्रतिबंधित पटाखों के भंडारण की स्थिति की पड़ताल की। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
871 किलो पटाखे और 5 किलो बारूद जब्त
छापेमारी के दौरान अवैध रूप से भंडारित पटाखों और संबंधित सामग्रियों की बड़ी खेप बरामद हुई। प्रशासन के मुताबिक, 871 किलोग्राम पटाखे, 48 बोरे, 259 कार्टन, दो छोटे कार्टन, 10 छोटे पैकेट, एक झोला सामग्री तथा 32 किलोग्राम रॉ मटेरियल जब्त किया गया। जब्त सामग्री में पांच किलोग्राम बारूद भी शामिल है।

अवैध भंडारण पाए जाने पर आठ गोदामों को तत्काल सील कर दिया गया। वहीं, आठ मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
रात 8 से 8:30 बजे तक ही फोड़ सकेंगे ग्रीन पटाखे
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रात आठ बजे से साढ़े आठ बजे तक ही पटाखे फोड़ने की अनुमति है। इस अवधि में केवल हरित पटाखों (ग्रीन क्रैकर्स) का उपयोग किया जा सकेगा। अन्य प्रतिबंधित पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी।
शेष दुकानों की भी होगी जांच, अधिकारियों को निर्देश
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में शेष पटाखा प्रतिष्ठानों की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जब्त अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्रियों का निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत विनष्टीकरण कराया जाएगा।
प्रशासन ने आम लोगों और पटाखा कारोबारियों से अपील की है कि कहीं भी अवैध पटाखों का भंडारण या बिक्री होने की जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी थाने को सूचित करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।






