गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को मिल रही नि:शुल्क शिक्षा, मिठाई खिलाकर किया गया सम्मान; बोले शिक्षक—हर क्षेत्र में आगे बढ़ें बच्चे
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान।
गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘आइडियल 40’ (IDEAL 40) ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित की है। https://youtu.be/rpYIpMLz0xs?si=p2f-CLmuxpXOdf0h
‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ के तत्वाधान में सिवान के चित्रगुप्त मंदिर परिसर में संचालित इस नि:शुल्क शिक्षा केंद्र के सभी छात्र-छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में सफलता प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है।

यह पहल खास तौर पर उन बच्चों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, लेकिन पढ़ाई में बेहद प्रतिभाशाली हैं। IDEAL 40 का उद्देश्य है कि वे भी बेहतर मार्गदर्शन पाकर अपने सपनों को साकार कर सकें।

छात्रों की इस शानदार सफलता पर संस्थान के संस्थापक डॉ. रजनीश वर्मा ने सभी बच्चों को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल छात्रों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि उनके शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग का भी फल है। उन्होंने बच्चों को आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों और अतिथियों ने भी छात्रों का उत्साहवर्धन किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि मेहनत, लगन और सही दिशा मिलने पर कोई भी बच्चा पीछे नहीं रहता। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपने परिवार, समाज तथा जिले का नाम रोशन करें।


कार्यक्रम में शिक्षक प्रोफेसर रविन्द्र पाठक, सुनील तिवारी, अरुण कुमार, राजेश कुमार, संतोष कुमार, अनिल कुमार पाण्डेय के साथ-साथ वरीय अधिवक्ता अवधेश श्रीवास्तव, सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र वर्मा, भारत भूषण पाण्डेय, रवि प्रकाश श्रीवास्तव, संतोष कुमार और जितेंद्र शर्मा जी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह उत्साह और खुशी से भरा रहा। बच्चों के चेहरों पर सफलता की चमक साफ झलक रही थी। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के लिए मिसाल हैं।

IDEAL 40 जैसे प्रयास यह साबित करते हैं कि यदि सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर मिले तो आर्थिक अभाव भी प्रतिभा के आगे टिक नहीं सकता। यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव ला रही है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण भी बन रही है।






