एसपी कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में दावा—बंद समर्थकों को तितर-बितर करने के दौरान चलाई गई थीं चार राउंड गोलियां
घटना में भीड़ से किसी के घायल होने की तत्काल सूचना नहीं थी; बाद में तीन घायलों के बयान पर दर्ज हुए केस।
सिवान। जेपी चौक पर 25 जुलाई को बंद के दौरान हुई फायरिंग मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। विज्ञप्ति के अनुसार, बंद समर्थकों द्वारा भीड़ बढ़ने और कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर वहां तैनात पुलिस कर्मियों में से एक सिपाही संख्या-47 अभिषेक कुमार ने जन-धन एवं सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के उद्देश्य से चार राउंड गोलियां ऊपर की ओर फायर की थीं। पुलिस का कहना है कि घटना के समय भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना तत्काल प्राप्त नहीं हुई थी।
हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए सिपाही अभिषेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, बाद में तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। इनमें 17 वर्षीय मो. आरिफ, 22 वर्षीय आकाश कुमार तथा 20 वर्षीय बुलेट कुमार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मो. आरिफ और आकाश कुमार जेपी चौक से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर घायल हुए, जबकि बुलेट कुमार थाना क्षेत्र से करीब दो किलोमीटर दूर घायल अवस्था में पाए गए। तीनों घायलों को पहले सदर अस्पताल, सिवान में प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेदांता अस्पताल, पटना रेफर किया गया। इनमें मो. आरिफ को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
घायलों के बयान के आधार पर सिवान नगर थाना में अलग-अलग तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। बुलेट कुमार के बयान पर कांड संख्या-721/26, आकाश कुमार के बयान पर कांड संख्या-722/26 तथा मो. आरिफ कुरैशी के बयान पर कांड संख्या-723/26, दिनांक 26 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से की जा रही है। एक ओर संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है, वहीं दूसरी ओर घायलों के बयान के आधार पर विधिसम्मत कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






