समान काम समान वेतन, स्थायीकरण और पुरानी पेंशन की मांग को लेकर प्रदेशभर में विरोध तेज
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। पटना/सिवान।
बिहार के नगर निकायों में कार्यरत दैनिक और संविदा कर्मियों ने बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को राज्यव्यापी विरोध दर्ज कराते हुए काला पट्टी बांधकर काम किया। यह विरोध बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, लोकल बॉडीज सहित विभिन्न मजदूर संगठनों के संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किया गया। कर्मियों ने सरकार पर लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया।

मजदूर यूनियन के राज्य सचिव अमित कुमार ने बताया कि बीते कई वर्षों से दैनिक और संविदा कर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। पूर्व में अनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान सरकार ने स्थायीकरण, समान काम के लिए समान वेतन और पुरानी पेंशन योजना लागू करने का आश्वासन दिया था। आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर स्थायीकरण का वादा करती है, वहीं दूसरी ओर कर्मियों को ठेका प्रथा के तहत आउटसोर्सिंग कंपनियों में धकेला जा रहा है। इससे न केवल कर्मियों का शोषण हो रहा है, बल्कि यह व्यवस्था भ्रष्टाचार और धन उगाही का माध्यम बन गई है। सफाई कर्मियों के नाम पर बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसमें निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक की संलिप्तता का आरोप लगाया गया।

संयुक्त मोर्चा ने ऐलान किया है कि 1 अप्रैल से 13 अप्रैल तक सभी कर्मी काम करते हुए काला पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके माध्यम से सरकार को चेतावनी दी जा रही है कि यदि जल्द ही स्थायीकरण, समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना और ACP/MACP लाभ को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 13 अप्रैल के बाद पूरे बिहार में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
सिवान जिले के नगर परिषद, आंदर नगर पंचायत और मैरवा नगर पंचायत सहित कई निकायों में कर्मियों ने काला पट्टी बांधकर विरोध जताया। कर्मियों में सरकार और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा गया।

संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार समय रहते निर्णय नहीं लेती है, तो इसके परिणामस्वरूप नगर निकायों की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी बिहार सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना की होगी।






