चार घंटे तक श्रोता डूबे रहे कविता और शायरी में; जिले के कवि-शायरों ने भाईचारे, विकास और मोहब्बत का दिया संदेश
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान। बिहार दिवस समारोह के अवसर पर जिला प्रशासन सिवान के तत्वावधान में टाउन हॉल में भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उस्ताद शायर कमर सिवानी ने की, जबकि मंच संचालन युवा शायर डॉ. जाहिद सिवानी ने किया। आयोजन की शुरुआत में जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री राघवेन्द्र प्रताप सिंह का स्वागत ग्रीन प्लांट भेंट कर किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देता नजर आया।

इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उपस्थित सभी कवियों और शायरों को ग्रीन पौधों के गमले और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक परंपरा पूरे विश्व में अद्वितीय है। यहां की धरती ने हमेशा साहित्य, ज्ञान और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है, जिसे आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कवि सम्मेलन और मुशायरे में कवियों एवं शायरों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से माहौल को पूरी तरह साहित्यिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के दौरान देशप्रेम, सामाजिक सौहार्द, प्रेम और मानवता जैसे विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की गईं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा।

उस्ताद कमर सिवानी ने अपने शेर “मुझे यकीन है बनकर विकास का सूरज, बिहार सारे ज़माने को रौशनी देगा” के माध्यम से राज्य के उज्ज्वल भविष्य का संदेश दिया। वहीं फैज अली फैजी ने जीवन की सच्चाइयों को बयां करते हुए श्रोताओं को भावुक कर दिया। डॉ. जाहिद सिवानी ने अपनी पंक्तियों के जरिए बिहार की गरिमा और सामाजिक एकता का आह्वान किया।

आज़म सिवानी, सोहैल पैग़म्बरपुरी और रेहान मुस्तफाबादी ने अपनी शायरी के माध्यम से नफरत के खिलाफ और मोहब्बत के पक्ष में जोरदार संदेश दिया। डॉ. नीलम श्रीवास्तव और डॉ. तृप्ति रक्षा ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से महिलाओं की आवाज और संवेदनाओं को सामने रखा। बिपिन शर्मा ‘शरार’ और अस्तित्व अंकुर ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।

लगातार चार घंटे तक चले इस कार्यक्रम में श्रोता साहित्य की दुनिया में पूरी तरह डूबे रहे और बिहार की महिमा का गुणगान करते रहे। आयोजन को सफल बनाने में कार्यक्रम सहायक विश्वरंजन जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने पूरे समर्पण के साथ कार्यक्रम का संचालन और समन्वय किया।

इस मौके पर मनोज कुमार वर्मा, सुरेश गगन, सज्जाद अली, मोहम्मद वसीम, तेजा जी, राम किशुन अकेला समेत कई अन्य साहित्यकार भी उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की गई।






