तीन शिफ्ट में तैनात किए गए कर्मी, गैस आपूर्ति में गड़बड़ी पर तुरंत होगी कार्रवाई
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान।
जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय के निर्देश पर समाहरणालय सिवान द्वारा 24 घंटे सक्रिय रहने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
जिला जनसंपर्क शाखा से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एलपीजी गैस की उपलब्धता से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या सूचना अब सीधे जिला आपातकालीन संचालन केंद्र-सह-जिला नियंत्रण कक्ष को दी जा सकती है। इसके लिए दो दूरभाष नंबर 06154-242000 और 06154-242001 जारी किए गए हैं, जो 24×7 सक्रिय रहेंगे।
प्रशासन ने इस नियंत्रण कक्ष के संचालन के लिए कार्यपालक सहायकों की शिफ्टवार प्रतिनियुक्ति भी कर दी है। पहली पाली सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगी, जिसमें भगवानपुरहाट, जिरादेई और रघुनाथपुर प्रखंड के कर्मी तैनात रहेंगे। दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक होगी, जिसमें बड़हरिया प्रखंड के तीन कार्यपालक सहायक जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं तीसरी पाली रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक चलेगी, जिसमें बड़हरिया और पचरुखी प्रखंड के कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

जिला पदाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि गैस आपूर्ति से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी, कालाबाजारी, अधिक वसूली या तनाव की सूचना मिलते ही उसे तत्काल पंजीबद्ध करें। इसके साथ ही संबंधित जिला आपूर्ति पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी या संबंधित आपूर्ति पदाधिकारी को तुरंत सूचित कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में गैस सिलेंडर की कमी, वितरण में अनियमितता और अतिरिक्त वसूली जैसी शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसे गंभीरता से लेते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अब हर शिकायत पर नजर रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कन्हैया कुमार ने बताया कि यह पहल आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी समस्या की सूचना सीधे कंट्रोल रूम को दें, ताकि त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।






