Kaimur-Drowning Incident: कैमूर में युवक दुर्गावती नदी में डूबा, 22 घंटे बाद भी लापता

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पटना से पहुंची एसडीआरएफ टीम, दो बोट और गोताखोरों के साथ जारी तलाशी अभियान

बिहार डेस्क l केएमपी भारत l पटना

कैमूर l अजीत कुमार

कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड अंतर्गत करमचट थाना क्षेत्र के सबार गांव के पास गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। दुर्गावती नदी में बने छलका पुल को पार करते समय 24 वर्षीय युवक कृष्णा शर्मा गहरे पानी में डूब गया। शुक्रवार को 22 घंटे गुजर जाने के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है। हादसे की खबर सुनते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

छलका पुल पार करते वक्त डूबा युवक

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबार गांव निवासी नथुनी शर्मा का पुत्र कृष्णा शर्मा गुरुवार दोपहर नदी पार कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज धारा के कारण वह लापता हो गया। घटना स्थल पर देखते ही देखते आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग जुट गए।

देर रात पटना से बुली एसडीआरएफ टीम

घटना की सूचना मिलने के बाद रामपुर सीओ ने तुरंत पटना बिहटा स्थित एसडीआरएफ टीम को बुलाने का अनुरोध किया। देर रात पटना से 10 सदस्यीय एसडीआरएफ टीम दो बोट और जरूरी उपकरणों के साथ सबार पहुंची। टीम में दो हवलदार, छह सिपाही और दो प्रशिक्षित गोताखोर शामिल हैं। शुक्रवार सुबह से ही नदी में तलाशी अभियान चल रहा है। एसडीआरएफ के हवलदार फैयाज अहमद खान ने बताया कि पूरी टीम हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन नदी की तेज धारा और गहराई के कारण खोजबीन में दिक्कतें आ रही हैं।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर

घटनास्थल पर शुक्रवार को रामपुर बीडीओ दृष्टि पाठक और सीओ कुमारी भी पहुंचीं। उन्होंने एसडीआरएफ टीम को आवश्यक निर्देश दिए और हर स्तर पर खोज जारी रखने का भरोसा दिलाया। करमचट थानाध्यक्ष विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल भी मौके पर तैनात है।

गांव में मातमी सन्नाटा

सबार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनय दुबे, सरपंच प्रतिनिधि फकरुद्दीन अंसारी, राजस्व कर्मचारी पंकज कुमार, वार्ड सदस्य अजय रजक और सरोज पासी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे मौजूद रहे। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है और लोग ईश्वर से युवक की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि दुर्गावती नदी का यह हिस्सा बेहद खतरनाक है और बरसात के मौसम में यहां पुल पार करना जोखिम भरा होता है। ग्रामीण प्रशासन से यहां सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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