Siwan Election 2025: 6 नवंबर को स्वच्छ, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान कराने के लिए सिवान प्रशासन तैयार — डीएम-एसपी ने संयुक्त रूप से किया ब्रीफिंग

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डीएम डॉ. आदित्य प्रकाश और एसपी मनोज कुमार तिवारी ने मतदान कर्मियों व पुलिस पदाधिकारियों को दिया स्पष्ट संदेश — जिम्मेदारी, सतर्कता और निष्पक्षता ही सबसे बड़ा कर्तव्य


बिहार चुनाव डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l पटना

सिवान, 5 नवंबर 2025 (बुधवार)। कृष्ण मुरारी पांडेय
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के पहले चरण में 6 नवंबर को होने वाले मतदान को लेकर सिवान प्रशासन पूरी तरह सजग और मुस्तैद है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश एवं पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने संयुक्त रूप से जिले के सभी मतदान पदाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को स्वच्छ, निष्पक्ष, भयमुक्त एवं शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के उद्देश्य से ब्रीफिंग दी।

दोनों अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि मतदान कार्य सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मी को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी, निडरता और पारदर्शिता के साथ निभानी होगी।


डीएम बोले — निष्पक्षता आपकी आचरण में दिखनी चाहिए

डीएम डॉ. आदित्य प्रकाश ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा। उन्होंने चेताया कि “किसी भी हालत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्पक्षता सिर्फ आपके शब्दों में नहीं, बल्कि आपके व्यवहार में दिखनी चाहिए।”

उन्होंने बताया कि इस बार सभी मतदान केंद्रों से पहली बार लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है, जिसे जिला नियंत्रण कक्ष और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कार्यालय से सीधे देखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदान कर्मी को किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी से किसी प्रकार का आतिथ्य—जैसे भोजन या ठहरने की सुविधा—स्वीकार नहीं करनी है।

डीएम ने विशेष रूप से ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में उपकरणों की सुरक्षा से समझौता न करें। मतदान केंद्र पर मोबाइल, इलेक्ट्रिक कनेक्शन और फर्नीचर की भी समुचित जांच कर लें।


“समस्या होते ही तत्काल सूचित करें”

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति या समस्या की सूचना तुरंत सेक्टर, जोनल या सुपर जोनल दंडाधिकारी अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को दी जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता मोबाइल फोन मतदान केंद्र के बाहर रखें, इसके लिए हैंगर की व्यवस्था सुनिश्चित हो। वीवीपैट को बल्ब या धूप की सीधी रोशनी से बचाकर रखा जाए।

डीएम ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर मेडिकल टीम और डॉक्टरों का संपर्क नंबर उपलब्ध कराया गया है ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सकीय सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असावधानी या अनियमितता पर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


एसपी का संदेश — हर स्थिति में सुरक्षा और विश्वास कायम करें

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि “हर मतदान केंद्र पर भयमुक्त माहौल में मतदान कराना ही हमारा लक्ष्य है। आम मतदाता को यह विश्वास दिलाएं कि प्रशासन उसके साथ है।”

एसपी ने निर्देश दिया कि सभी सेक्टर और पुलिस पदाधिकारी 4 नवंबर से ही साइलेंस पीरियड के दौरान सुदूर ग्रामीण मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर लें।
उन्होंने कहा कि क्रिटिकल बूथों पर विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी छोटी से छोटी घटना की तुरंत सूचना उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें और किसी भी समस्या का समाधान स्थल पर ही करें। किसी भी राजनीतिक दल की सेवा न लें, होटल या भोजन स्वीकार न करें।
मतदान दिवस पर लगातार पेट्रोलिंग करते रहें और पोल्ड ईवीएम के वज्रगृह पहुंचने तक क्षेत्र में निगरानी बनाए रखें।


महत्वपूर्ण निर्देश — मतदान पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां

डीएम और एसपी ने ब्रीफिंग के दौरान मतदान पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बिंदुवार बताईं—

  • मतदान केंद्र पर बिजली, मोबाइल हैंगर, फर्नीचर आदि की जांच करें।
  • ईवीएम और वीवीपैट के सभी तकनीकी बिंदुओं की सुनिश्चित जांच करें।
  • मॉक पोल के बाद वीवीपैट पर्चियों को सील कर सुरक्षित रखें।
  • मतदान के बाद प्रपत्र 17C की प्रति सभी पोलिंग एजेंटों को अवश्य दें और रसीद लें।
  • मतदान केंद्र बिना अनुमति नहीं छोड़ें।
  • रिजर्व मशीन के प्रयोग की सूचना सेक्टर अधिकारी को दें।

सेक्टर पदाधिकारियों की भूमिका भी अहम

सेक्टर पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मतदान प्रारंभ से 90 मिनट पूर्व मॉक पोल कराकर प्रमाणपत्र भेजें, मतदान के दौरान दो घंटे के अंतराल पर मतदान प्रतिशत की रिपोर्ट कंट्रोल रूम को दें और मतदान समाप्ति के बाद ईवीएम को सुरक्षित तरीके से वज्रगृह तक पहुंचवाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि PWD (दिव्यांग) मतदाताओं को मतदान में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिन बूथों पर बिना एजेंट के मॉक पोल हुआ हो, वहां विशेष निगरानी रखी जाए।


‘जवाबदेही और सजगता से ही सफल होगा लोकतंत्र’

ब्रीफिंग के अंत में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी मीडिया कोषांग, कन्हैया कुमार ने बताया कि निर्वाचन कार्य में तैनात सभी अधिकारी लोकतंत्र की सफलता के सिपाही हैं। मतदान के हर चरण में सजगता, अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना ही सच्ची सेवा है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने हर स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। अब जिम्मेदारी है कि हर अधिकारी अपने स्तर से मतदान को उत्सव की तरह सफल बनाए — ताकि सिवान जिले से ‘स्वच्छ, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान’ का संदेश पूरे बिहार को मिले।


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