Begusarai: सम्राट के गृहमंत्री बनते ही सख्ती शुरू: बेगूसराय में यूपी स्टाइल एनकाउंटर, कुख्यात शूटर घायल

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एसटीएफ पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली; ठिकाने से हथियार, कैश और कफ सिरप बरामद

डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत l भागलपुर

संतोष सहाय, बेगूसराय/मुंगेर | नई सरकार बनने के साथ ही बिहार पुलिस पूरी तरह ऐक्शन मोड में आ गई है। शुक्रवार देर रात मुंगेर प्रमंडल के बेगूसराय जिले में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस का संयुक्त अभियान बड़े एनकाउंटर में बदल गया। इसमें सरपंच पुत्र की हत्या के आरोप में वांछित कुख्यात बदमाश शिवदत्त राय के पैर में गोली लगी और वह मौके पर धर दबोचा गया। राजकिशोर राय का 27 वर्षीय पुत्र शिवदत्त राय कुख्यात अपराधी माना जाता है।

बताते हैं कि, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि शिवदत्त साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के मल्हीपुर इलाके में हथियार खरीदने आया है। इसी इनपुट पर एसटीएफ की टीम ने रात में घेराबंदी की और स्थानीय थाना की टीम को भी अलर्ट किया गया। पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, दो बाइक पर सवार छह बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी और अंधेरे में भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली शिवदत्त राय की जांघ में लगी और वह गिर पड़ा, जबकि बाकी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।

शिवदत्त को तुरंत सिविल हॉस्पिटल बेगूसराय में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पास के एक ठिकाने से बड़ी मात्रा में हथियार, कैश और अवैध कफ सिरप की खेप बरामद की है। पुलिस फिलहाल उसकी स्थिति को लेकर कुछ भी बताने से बच रही है।

सरपंच पुत्र की हत्या का आरोपी, हाल ही में आया था बेल पर बाहर

शिवदत्त राय तेघड़ा थाना क्षेत्र के धनकौल पंचायत में सरपंच मीना देवी के छोटे बेटे अवनीश कुमार की हत्या का मुख्य आरोपी है। 2 सितंबर 2022 की रात हुए इस हमले में अवनीश की मौके पर मौत हो गई थी और उसका बड़ा भाई रजनीश गंभीर रूप से घायल हुआ था। लूटपाट के दौरान विरोध करने पर अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस मामले में शिवदत्त और उसके गिरोह के कई लोग नामजद किए गए थे।

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करीब एक साल पहले उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन दो महीने पहले ही वह बेल पर बाहर आया था। तब से पुलिस उसके मूवमेंट को ट्रैक कर रही थी और शुक्रवार को मिली इनपुट के बाद टीम ने उसे घेर लिया।

सम्राट चौधरी का सख्त संदेश—बिहार अपराधियों के लिए नहीं है

शिवदत्त के एनकाउंटर के कुछ घंटे पहले ही गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने बीजेपी ऑफिस में कहा था—
“नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सुशासन जारी रहेगा। बिहार अपराधियों के लिए नहीं है, उन्हें यहां से बाहर जाना होगा।”
इस बयान के तुरंत बाद से पुलिस का रुख और सख्त हो गया है।

डीजीपी का नया मॉडल—छोटी वारदात भी ‘संगठित अपराध’

गृहमंत्री बदलते ही पुलिस महकमा भी एक्टिव हो गया है। डीजीपी विनय कुमार ने जिलों की पुलिस को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब संगठित अपराध सिर्फ बड़े गैंग या बड़ी वारदात तक सीमित नहीं रहेगा।
छोटी वारदातें—जो अब तक हल्के में ली जाती थीं—उन्हें भी संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। यानी, अब किसी भी अपराध पर नर्म रुख नहीं अपनाया जाएगा।

एनकाउंटर के बाद बेगूसराय में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं और फरार अपराधियों की खोज में जुटी हैं। पुलिस का ये कड़ा एक्शन संकेत दे रहा है कि राज्य में अपराध के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ की नीति लागू हो चुकी है।

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