साई हॉस्पिटल, माँ मंजू हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, माँ शारदा हॉस्पिटल, बिहार जांच घर एवं श्री राधे डायग्नोस्टिक सेंटर सील
बिना निबंधन चल रहे थे अस्पताल, अयोग्य कर्मियों से इलाज, फायर सेफ्टी व जीवन रक्षक उपकरणों का भी अभाव
हेल्थ न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान
होली पर्व से पूर्व स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सिवान जिला प्रशासन ने प्रखंड मैरवा में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संचालित छह निजी स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया। शनिवार (22 फरवरी 2026) को जिला पदाधिकारी सिवान विवेक रंजन मैत्रेय के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सिवान सदर आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी अभियान चलाकर साई हॉस्पिटल, माँ मंजू हॉस्पिटल, जीवन ज्योति हॉस्पिटल, माँ शारदा हॉस्पिटल, बिहार जांच घर एवं श्री राधे डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से जिले के फर्जी चिकित्सकों में हड़कंप मचा हुआ है। सील किए गए यह सभी संस्थान जिले के कुछ नामी चिकित्सकों से जुड़े हुए हैं तो कुछ को उनका संरक्षण प्राप्त है। https://youtu.be/wTs_wkItEcI?si=wEkhsESHV7gRZc7n

प्रशासनिक जांच के दौरान इन सभी संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान बिना वैध निबंधन के संचालित हो रहे थे, जो सीधे तौर पर The Clinical Establishment (Registration and Regulation) Act, 2010 की धारा 11, 37 एवं 38 का उल्लंघन है। साथ ही Bihar Clinical Establishment (Registration and Regulation) Rules, 2013 में निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का भी पालन नहीं किया जा रहा था।

जांच टीम ने पाया कि Clinical Establishments (Central Government) Rules, 2012 एवं इसके Amendment Rules, 2018 में निर्धारित न्यूनतम सुविधाओं और सेवाओं के मानकों की अनदेखी की जा रही थी। अस्पतालों में न तो आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध थे और न ही प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति की गई थी। कई स्थानों पर अयोग्य कर्मियों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा था, जो मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ माना गया।

इसके अतिरिक्त, अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था अत्यंत खराब पाई गई। बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था। वहीं अग्नि सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन सामने आया। कई अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती।
अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट किया कि बिना वैध निबंधन और निर्धारित मानकों के संचालन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। आम लोगों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
अनुमंडल पदाधिकारी सिवान सदर आशुतोष गुप्ता ने आम जनता से अपील की है कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त अस्पतालों का ही चयन करें। साथ ही यदि कहीं अवैध रूप से संचालित अस्पताल या जांच केंद्र की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इस कार्रवाई के बाद मैरवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन की सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है। अनुमंडल पदाधिकारी सिवान सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आने वाले दिनों में जिला मुख्यालय और अन्य प्रखंडों में भी इसी प्रकार की जांच अभियान चलाए जा सकते हैं।






