Vijay Diwas: सिटी मोंटेसरी स्कूल में विविध कार्यक्रमों का आयोजन, गीत-नाटिका और भाषण से जीवंत हुई 1857 की क्रांति की झलक

Share

विजयोत्सव में गूंजा देशभक्ति का स्वर, वीर कुंवर सिंह की शौर्यगाथा से प्रेरित हुए छात्र

एजुकेशन डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान:

महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव के अवसर पर गुरुवार को सिटी मोंटेसरी स्कूल में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 23 अप्रैल 1858 को जगदीशपुर के समीप अंग्रेजों को पराजित करने वाले इस वीर योद्धा की स्मृति में पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह एवं वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा वीर कुंवर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय में सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 80 वर्ष की आयु में भी जिस साहस और नेतृत्व का परिचय वीर कुंवर सिंह ने दिया, वह आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने उस ऐतिहासिक घटना का भी उल्लेख किया जब घायल होने के बावजूद कुंवर सिंह ने अपना हाथ काटकर मां गंगा को समर्पित कर दिया था। यह बलिदान उनके अदम्य साहस और देशभक्ति का प्रतीक है।

उत्सव के दौरान छात्रों ने “1857 की क्रांति और कुंवर सिंह” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। बच्चों के ओजस्वी भाषणों ने स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को ताजा कर दिया। वहीं देशभक्ति गीतों और लघु नाटिका के माध्यम से विद्यार्थियों ने कुंवर सिंह की वीरता और संघर्ष की गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

शिक्षक अरुणेश कुमार दुबे और रामानुज मिश्रा ने अपने संबोधन में कुंवर सिंह की जगदीशपुर से आजमगढ़ तक की विजय यात्रा के ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को कड़ी चुनौती दी।

इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया, जिससे छात्रों में उत्साह का माहौल देखा गया। कार्यक्रम में पार्वती कुशवाहा, अनिल कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंच संचालन विद्यालय के वरिष्ठ छात्रों द्वारा किया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, लेकिन छात्रों के मन में देशभक्ति और प्रेरणा की भावना देर तक बनी रही।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930