जिलाध्यक्ष बोले- छात्रों पर बल प्रयोग लोकतंत्र पर हमला, पेपर लीक और शिक्षा के भगवाकरण का लगाया आरोप
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सिवान।
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और बल प्रयोग के विरोध में मंगलवार को सिवान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सरदार पटेल चौक से जेपी चौक तक आक्रोश मार्च निकालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी शामिल रहे।

कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान “लाठी-गोली की सरकार नहीं चलेगी”, “पेपर लीक की सरकार नहीं चलेगी”, “देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो” जैसे नारे लगाए गए। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर विरोध जताया।
जेपी चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि दिल्ली में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने पहुंचे छात्रों पर जिस प्रकार बल प्रयोग किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना भारतीय लोकतंत्र पर काला धब्बा है। उनका आरोप था कि 23 दिनों से आंदोलनरत छात्रों से सरकार का कोई प्रतिनिधि संवाद करने नहीं पहुंचा, जबकि शांतिपूर्ण संसद मार्च के दौरान उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में बिहार के कई छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है।
किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अशोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के आक्रोश के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से नहीं हटाया जा रहा है। उन्होंने पेपर लीक मामलों और शिक्षा मंत्री के कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई।

कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने बिहार में भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा संस्थानों के नाम और रंग-रूप बदलकर शिक्षा के भगवाकरण की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि मॉडल स्कूलों को सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से संचालित करने जैसे निर्णयों पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी नीतियां जारी रहीं तो कांग्रेस इसके खिलाफ व्यापक जन आंदोलन चलाएगी।
प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष शशि कुमार, जिला पार्षद अरविंद यादव, इरफान अहमद, ध्रुवलाल प्रसाद, हाफिज जुबैर, अमित कुशवाहा, पवन यादव, सेराज आलम, अजीत उपाध्याय, अल्ताफ राजा, युवराज गुप्ता, आशुतोष कुमार, संतोष यादव, सलमान सिद्दीकी, संस्कार यादव, अहमद नवाज, ओम शर्मा, संजय कुमार, मनुल कुमार मिश्रा, वैद्यनाथ महतो, आबिद राजा, सूरज कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र-युवा मौजूद रहे।






