Congress Protest: महिला आरक्षण लागू करने की मांग पर सिवान में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, पीएम का पुतला फूंका

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परिसीमन के बहाने हक छीनने का आरोप; 543 सीटों पर तत्काल आरक्षण लागू करने की उठी मांग

पॉलिटिकल डेस्क l केएमपी भारत l पटना

सीवान, संवाददाता।

महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासत तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के अस्पताल रोड स्थित फतेहपुर बाईपास मोड़ पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू करने की मांग उठाई।

चिलचिलाती धूप के बावजूद बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे। “महिला आरक्षण लागू करो”, “परिसीमन के नाम पर हक छीनना बंद करो” और “भाजपा का झूठा प्रचार नहीं चलेगा” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है।

पुतला दहन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि संसद द्वारा वर्ष 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण विधेयक अब संविधान का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद इसे लागू करने में अनावश्यक देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही महिला सशक्तिकरण की पक्षधर रही है और वह बिना किसी शर्त के 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू करने की मांग करती है।

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किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का असली उद्देश्य परिसीमन के जरिए सत्ता में अपनी पकड़ मजबूत करना है, जिसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है।

वहीं कांग्रेस नेता विश्वनाथ यादव ने कहा कि जाति जनगणना के आंकड़ों को नजरअंदाज कर ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि वंचित तबकों की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना महिला आरक्षण का कोई औचित्य नहीं है।

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष पूनम सिंह ने अपने संबोधन में कांग्रेस के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा महिलाओं को शीर्ष नेतृत्व में स्थान दिया है। उन्होंने एनी बेसेंट, सरोजनी नायडू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी जैसे उदाहरण देते हुए भाजपा और आरएसएस पर महिलाओं को नेतृत्व में पर्याप्त अवसर न देने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन में शशि कुमार, राधेश्याम शर्मा, अलाउद्दीन अहमद, अमित कुशवाहा, लीलावती देवी, शहाबुद्दीन शाह, मेमतारा खातून, अभिजीत शर्मा, नुरशबा खातून, छोटन सिंह, बसंती देवी, मो. सुहैल, बाल्मीकि शर्मा, फुलजहाँ खातून, संदेश ठाकुर और मुन्ना सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। आंदोलन के दौरान पुलिस की हल्की मौजूदगी भी देखी गई, हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही महिला आरक्षण कानून को लागू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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