23 जुलाई के आदेश के बाद उठे सवालों पर स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की स्पष्ट
सिविल सर्जन ने कहा-अपने इलाज अथवा रिश्तेदार के इलाज और उनकी देखभाल के लिए अस्पताल में उपस्थित होने की श्री निवास यादव को है अनुमति

बलहू निवासी श्री निवास यादव को संबोधित है 11 अगस्त का पत्र
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सीवान।
सदर अस्पताल, सीवान में प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर चल रही चर्चा के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अब स्थिति स्पष्ट कर दी है। कार्यालय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सीवान की ओर से 11 अगस्त 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल में अनधिकृत प्रवेश पर रोक का मतलब यह नहीं है कि मरीज या उनके परिजन इलाज के लिए अस्पताल नहीं जा सकते। अपने इलाज अथवा रिश्तेदार के इलाज और उनकी देखभाल के लिए अस्पताल में उपस्थित होने की अनुमति है।


महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पत्र बलहू निवासी श्री निवास यादव को संबोधित है। पत्र में उनका पता ग्राम-बलहू, पोस्ट-बलहू, थाना-दरौली, जिला-सीवान अंकित है। इस पत्र का विषय है—“सदर अस्पताल, सिवान में अनाधिकृत रूप से प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में।”

23 जुलाई के आदेश का दिया गया हवाला
सिविल सर्जन कार्यालय के पत्र में अधीक्षक, सदर अस्पताल, सीवान के कार्यालय ज्ञापांक-2221, दिनांक 23 जुलाई 2026 का हवाला दिया गया है। उक्त आदेश के आलोक में सदर अस्पताल में अनधिकृत रूप से प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही गई थी।

पत्र में कहा गया है कि अस्पताल परिसर में राजनीतिक एवं व्यक्तिगत गतिविधियों सहित संदिग्ध गतिविधियों के कारण प्रवेश को नियंत्रित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद श्री निवास यादव की ओर से इस व्यवस्था को लेकर सवाल या स्पष्टीकरण की मांग किए जाने के संदर्भ में सिविल सर्जन कार्यालय ने स्थिति साफ की है।
इलाज के लिए अस्पताल जाने पर कोई रोक नहीं
स्वास्थ्य विभाग के पत्र का सबसे अहम हिस्सा यह है कि इसमें मरीजों और उनके परिजनों के इलाज को प्रतिबंध से अलग रखा गया है। पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि श्री निवास यादव स्वयं के इलाज अथवा अपने रिश्तेदारों के इलाज के क्रम में सदर अस्पताल, सीवान में उपस्थित होकर इलाज/देखभाल कर सकते हैं।

यानी अस्पताल में अनधिकृत या गैर-चिकित्सकीय गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन इसका असर मरीज के उपचार और उसके परिजन की आवश्यक देखभाल पर नहीं है।
श्री निवास यादव के नाम जारी हुआ है पत्र
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी यह स्पष्टीकरण विशेष रूप से श्री निवास यादव, निवासी बलहू, सीवान के नाम है। ऐसे में पत्र के सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अस्पताल में प्रवेश को लेकर जारी प्रतिबंध को सामान्य मरीजों और उनके परिजनों पर पूर्ण प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य परिसर में व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना है। वहीं, मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना और उनके परिजनों को आवश्यक देखभाल की सुविधा देना स्वास्थ्य व्यवस्था की मूल जिम्मेदारी है।
प्रशासनिक आदेश को लेकर भ्रम हुआ दूर
सदर अस्पताल जिले का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रवेश संबंधी किसी भी आदेश को लेकर आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। सिविल सर्जन कार्यालय के इस पत्र से अब यह स्पष्ट हो गया है कि अनधिकृत प्रवेश और इलाज के लिए आवश्यक प्रवेश को अलग-अलग माना गया है।
पत्र पर सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सीवान के हस्ताक्षर एवं 11 अगस्त 2026 की तारीख अंकित है। विभाग के इस स्पष्टीकरण के बाद मरीजों और उनके परिजनों को उम्मीद है कि इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचने में उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।
सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ श्रीनिवास प्रसाद ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पत्र निर्गत कर दिया गया है। श्रीनिवास यादव को अपने इलाज अथवा किसी रिश्तेदार के इलाज एवं उनकी देखभाल के लिए अस्पताल में उपस्थित होने की अनुमति है।






