फोटो कैप्रशन: घुबीर सिंह सेवा संस्थान में विशेष बच्चों से मुलाकात करते दरौंदा विधायक करनजीत सिंह
जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए रघुबीर सिंह सेवा संस्थान की पहल बनी प्रेरणा

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान।
रघुबीर सिंह सेवा संस्थान ट्रस्ट की ओर से निशक्त और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने की पहल को दरौंदा विधायक करनजीत सिंह उर्फ ‘व्यास सिंह’ का समर्थन मिला। विधायक ने संस्थान पहुंचकर विशेष बच्चों से मुलाकात की, उनका उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संस्थान में बच्चों के बीच पहुंचे विधायक करनजीत सिंह ‘व्यास सिंह’ ने उनके साथ समय बिताया और उनकी शिक्षा तथा भविष्य को लेकर उनका हौसला बढ़ाया। विधायक की मौजूदगी से बच्चों में उत्साह देखने को मिला। इस दौरान उन्होंने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

रघुबीर सिंह सेवा संस्थान ट्रस्ट समाज के निशक्त और जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का कार्य कर रहा है। संस्थान का उद्देश्य ऐसे बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है, जिन्हें आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
विधायक ने संस्थान की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना समाज के लिए महत्वपूर्ण सेवा है। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का आधार भी है।
बच्चों के बीच विधायक की उपस्थिति को संस्थान से जुड़े लोगों ने भी महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना है कि समाज के सक्षम लोगों और जनप्रतिनिधियों का ऐसे प्रयासों से जुड़ना बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाता है और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करता है।
दरअसल, किसी भी समाज की प्रगति का सीधा संबंध इस बात से है कि वहां शिक्षा से कितने लोगों को जोड़ा जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर और विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था करना इस दिशा में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसे प्रयास बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
रघुबीर सिंह सेवा संस्थान ट्रस्ट की पहल इसी सोच को आगे बढ़ाती दिखाई देती है। मुफ्त शिक्षा के जरिए जरूरतमंद बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। विधायक करनजीत सिंह ‘व्यास’ की संस्थान में मौजूदगी और बच्चों का उत्साहवर्धन इस प्रयास को सामाजिक स्तर पर प्रोत्साहन देने वाला कदम माना जा सकता है।
संस्थान की यह पहल इस संदेश को मजबूत करती है कि सही अवसर, शिक्षा और मार्गदर्शन मिलने पर परिस्थितियां किसी बच्चे के भविष्य की अंतिम सीमा नहीं बन सकतीं। जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के ऐसे प्रयास समाज में समान अवसर और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।






