टड़वा चट्टी पर लूट के दौरान गोली-चाकू से घायल दिलीप वर्मा की गोरखपुर एम्स में मौत
एसपी ने मौके पर पहुंचकर समझाया, पुलिस चौकी की मांग मानी, बोले- अपराधी बख्शे नहीं जाएंगे
क्राइम न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l गुठनी/दरौली (सिवान)।
दरौली थाना क्षेत्र के टड़वा चट्टी में मंगलवार दोपहर ज्वेलर्स दुकान में लूट के दौरान गोली और चाकू से घायल स्वर्ण व्यवसायी दिलीप वर्मा की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। व्यवसायी की मौत की खबर मिलते ही टड़वा चट्टी समेत आसपास के इलाके में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों और व्यवसायियों ने शव को सड़क पर रखकर यातायात बाधित कर दिया। लोग अपराधियों की गिरफ्तारी, बाजार में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और टड़वा चट्टी पर पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग कर रहे थे।

जाम की सूचना पर मैरवा डीएसपी आनंद मोहन गुप्ता, पुलिस निरीक्षक रत्नेश कुमार वर्मा और दरौली सीओ विद्याभूषण भारती मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग वरीय अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक भारत सोनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों और व्यवसायियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया। एसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिवान सदर अस्पताल भेज दिया।

एसपी ने मानी पुलिस चौकी की मांग, अब तक छह गिरफ्तार
ग्रामीणों और व्यवसायियों ने टड़वा चट्टी पर पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग रखी। एसपी भारत सोनी ने इस मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार घटना के सिलसिले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।

एसपी ने व्यवसायियों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का भी भरोसा दिया। इसके बाद व्यवसायियों ने भी आंदोलन समाप्त करने पर सहमति जताई।
दिलीप ने बदमाश की पिस्टल की नाल पकड़कर मोड़ दी थी
मंगलवार दोपहर दो बाइक पर सवार पांच-छह हथियारबंद अपराधी टड़वा चट्टी स्थित नीरज ज्वेलर्स पहुंचे थे। दुकान में घुसते ही बदमाशों ने लूटपाट शुरू कर दी। इस दौरान दुकानदार दिलीप वर्मा ने एक अपराधी को पकड़ लिया। बदमाश ने खुद को छुड़ाने के लिए दिलीप पर चाकू से हमला कर दिया।
इसी दौरान दूसरे अपराधी ने पिस्टल से गोली चलाने की कोशिश की। दिलीप ने हिम्मत दिखाते हुए पिस्टल की नाल पकड़कर उसकी दिशा मोड़ दी। हालांकि इस संघर्ष में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर आसपास के दुकानदार और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने अपराधियों को घेर लिया। ग्रामीणों ने दो अपराधियों को पकड़ लिया, जबकि एक बाइक पर सवार तीन अपराधी फायरिंग करते हुए भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही दरौली पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए आरोपियों को हिरासत में लिया। घायल दिलीप वर्मा को दरौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें सिवान सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बेहतर इलाज के लिए उन्हें गोरखपुर एम्स लेकर गए, जहां इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई।

घटना के विरोध में गुठनी से दरौली तक बंद रहीं सोने-चांदी की दुकानें
स्वर्ण व्यवसायी की हत्या के विरोध में टड़वा चट्टी की सभी दुकानें बंद रहीं। गुठनी, दरौली, असांव और रघुनाथपुर के स्वर्ण व्यवसायियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखकर घटना पर विरोध जताया। व्यवसायियों ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
घटनास्थल पर पहुंचे एसपी भारत सोनी के समक्ष स्वर्णकार संघ के प्रतिनिधियों ने व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। संघ की ओर से व्यवसायियों को आर्म्स लाइसेंस देने की प्रक्रिया में सहयोग की मांग भी रखी गई। व्यवसायियों का कहना था कि बाजारों में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के बीच सुरक्षा को लेकर उनमें भय का माहौल है।
दो दिन पुलिस छावनी में तब्दील रहा टड़वा बाजार
घटना के बाद मंगलवार और बुधवार को टड़वा चट्टी पुलिस छावनी में तब्दील रहा। मंगलवार रात एसपी भारत सोनी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। इसके बाद फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित कर कार्रवाई तेज की गई। पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। पुलिस के अनुसार अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पिता की मौत से सात वर्षीय निखिल के सिर से उठा साया
दिलीप वर्मा की मौत ने उनके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। वे अपने पीछे पत्नी ज्योति, सात वर्षीय इकलौते बेटे निखिल और मां लीलावती समेत परिवार को छोड़ गए हैं। पिता की मौत के बाद मासूम निखिल बेसहारा हो गया है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी ज्योति और मां लीलावती बार-बार रो पड़ रही हैं। वहीं सात वर्षीय निखिल घटना से स्तब्ध है।

दिलीप के भाई सनोज वर्मा पर परिवार को संभालने की जिम्मेदारी आ गई है। वे लोगों को संभालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भाई की मौत का सदमा उन्हें भी विचलित कर रहा है। घटना ने एक परिवार को गहरे दुख में डालने के साथ-साथ पूरे इलाके के व्यवसायियों के बीच सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।






