जेपी चौक पर मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके
आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
पॉलिटिकल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान।
शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर कथित वोट चोरी और लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को सीवान में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के आह्वान पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अम्बेडकर चौक से जुलूस की शक्ल में निकले और जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए समाहरणालय परिसर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ समेत कई नारे लगाए।
प्रदर्शन की शुरुआत अम्बेडकर चौक से हुई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद जुलूस दाहा नदी पुल, पोस्ट ऑफिस होते हुए जेपी चौक पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन किया। इसके बाद जुलूस कचहरी रोड और डीडीसी कार्यालय होते हुए समाहरणालय के पूर्वी गेट पर पहुंचा।

समाहरणालय गेट पर प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से डीसीएलआर नंदिनी कुमारी, जूली कुमारी, डीएसपी आनंद गुप्ता, मुफ्फसिल इंस्पेक्टर समेत विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष और पुलिस बल मौजूद रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काफी देर तक गेट के बाहर प्रदर्शन किया। अधिकारियों की पहल के बाद कांग्रेस का आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा से मिला।
प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार, पूर्व मंत्री विजय शंकर दुबे, किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अशोक कुमार सिंह, पूर्व जिला पार्षद प्रदुमन राय, विश्वनाथ यादव, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, जिला उपाध्यक्ष शशि कुमार और कुतुबदीन खान शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिलाधिकारी ने ज्ञापन राष्ट्रपति तक भेजने का भरोसा दिलाया।
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी, पद से बर्खास्तगी और उनके कार्यकाल में मतदाता सूची समेत चुनाव संबंधी बदलावों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसे संस्थागत रूप से स्वतंत्र रखने की मांग की।
ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और पश्चिम बंगाल में मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिक सरकार चुनते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
भगत सिंह की जयंती पर लोकतंत्र बचाने का संकल्प
समाहरणालय गेट पर आयोजित सभा का संचालन कांग्रेस के युवा नेता अमित कुशवाहा ने किया। नेताओं ने शहीद भगत सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शन में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजाराम सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि शमीम अहमद खान, डॉ. के. एहतेशाम अहमद, यशवंत कुमार चमन, मेराज अहमद समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।






