डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l भागलपुर
संवाददाता -विकास कुमार, सहरसा।
सहरसा में बुधवार को नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर स्थानीय प्रेक्षा गृह में जागरूकता का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अभिभाषण की लाइव स्ट्रीमिंग दिखाई गई, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में फैल रही नशे की बुराई के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और लोगों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही जीविका समूहों की उपस्थिति के साथ हुई। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई महिलाएं नशा मुक्ति अभियान को लेकर खासा उत्साहित दिखीं। उनके बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नशा छोड़ने और दूसरों को इसके प्रति प्रेरित करने की अपील की।
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नशामुक्त बिहार की दिशा में कार्य कर रही है, लेकिन इस अभियान को सफल बनाने में आम जनता की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे घर-परिवार और समुदाय में नशा के खिलाफ मजबूत आवाज बनें।
उप विकास आयुक्त संजय कुमार निराला ने कहा कि नशा समाज को खोखला कर रहा है। इसके चलते घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी, स्वास्थ्य समस्याओं और सामाजिक असंतुलन जैसी दिक्कतें बढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि जीविका समूह इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि समाज में उनकी बात को गंभीरता से सुना जाता है।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी सुनैना कुमारी ने कहा कि महिलाओं की सक्रियता से इस अभियान को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने नशा के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शराब और अन्य मादक पदार्थों से दूरी बनाना ही स्वस्थ समाज की नींव है। वरीय उप समाहर्ता सह विशेष कार्य पदाधिकारी राजू कुमार और सहायक आयुक्त मद्य निषेध ने भी नशे के कानूनी प्रावधानों और इस पर रोक के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
डीपीएम (जीविका) ने बताया कि जीविका दीदियां समय-समय पर गांव स्तर पर नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता अभियान चलाती रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएँ समाज में बदलाव की सबसे मजबूत कड़ी हैं और उनके नेतृत्व में यह अभियान और अधिक प्रभावी होगा।
कार्यक्रम के दौरान नशा के दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि नशा न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। परिवारों में कलह, उपेक्षा, गरीबी और तनाव का बढ़ना नशे के कारण ही होता है।
मुख्यमंत्री के लाइव संबोधन में भी नशामुक्त समाज बनाने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार नशा मुक्ति अभियान को एक सामाजिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है और इसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने उपस्थित सभी महिलाओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। साथ ही, समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया गया।






