आरा सदर ब्लॉक परिसर में स्पेशल विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, पूछताछ में सचिव ने बीडीओ की भूमिका का किया खुलासा
डिजिटल न्यूज़ डेस्क। केएमपी भारत। पटना:
ओम प्रकाश पांडेय, संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जन्म प्रमाणपत्र के नाम पर रिश्वत लेने वाले पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। स्पेशल विजिलेंस टीम ने आरा सदर प्रखंड कार्यालय परिसर से पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे ब्लॉक कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद पिरौटा और दौलतपुर पंचायत का प्रभार संभाल रहा था। पीड़ित आवेदक से जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीड़ित ने निगरानी विभाग से शिकायत की, जिसके बाद पूरी योजना बनाकर जाल बिछाया गया।
तय समय और स्थान पर जैसे ही पंचायत सचिव ने घूस की रकम ली, निगरानी टीम ने फिल्मी अंदाज में छापेमारी कर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब पूछताछ के दौरान गिरफ्तार सचिव ने स्वीकार किया कि इस रिश्वत की रकम में बीडीओ का भी हिस्सा तय था। इस बयान के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई है और उच्चस्तरीय जांच की संभावना बढ़ गई है।
विजिलेंस विभाग के डीएसपी चंद्र भूषण प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में शिकायत मोतिहारी पूर्वी चंपारण के गोरे गांव निवासी नवीन कुमार ने दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के लिए बीडीओ तक ने 20 हजार रुपये की मांग की थी। जांच के बाद सत्यता पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार पंचायत सचिव शेखपुरा जिले के कुसुम्हा गांव का निवासी बताया जा रहा है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ जारी है। जिलेभर में चर्चा है कि इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार की और भी परतें खुल सकती हैं और आने वाले दिनों में बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।






