बिहार संग्राम 2025: सिवान सदर सीट पर जन सुराज का प्रत्याशी चयन अभियान तेज: आजम अली बने मतदाताओं की पहली पसंद, शिक्षा सेवा से बढ़ा जनसमर्थन

Share

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: 105 सिवान सदर विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के सभावित उम्मीदवारों का हाल

बिहार डेस्क l केएमपी भारत l पटना

सिवान। कृष्ण मुरारी पांडेय l बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर जन सुराज पार्टी ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। जिले की आठों विधानसभा सीटों में कार्यकर्ता जोर-शोर से सक्रिय हैं। खासकर 105 सिवान सदर विधानसभा क्षेत्र में टिकट की दौड़ सबसे ज्यादा गर्माई हुई है। यहां पार्टी के तीन संभावित दावेदारों के नाम चर्चा में हैं – सीवान नगर परिषद वार्ड नंबर 43 के पार्षद आजम अली, अभिनव कुमार रानू और राजन कुमार।

पूरे शहर में दिखे “भावी प्रत्याशी आजम अली”

सिवान सदर क्षेत्र में इन तीनों संभावित उम्मीदवारों के समर्थक अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। जगह-जगह बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं, जिन पर ‘भावी प्रत्याशी’ का उल्लेख साफ देखा जा सकता है। हालांकि, इनमें सबसे अधिक चर्चा का विषय आजम अली बने हुए हैं।

शिक्षा सेवा ने दिलाया जनता का भरोसा

लोगों की माने तो आजम अली ने बीते तीन वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहल की है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को वे नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। इसके लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही बच्चों को पढ़ाई में जरूरत की सामग्री – कॉपी, पेन, स्लेट आदि भी मुफ्त दी जाती है। इस सेवा भाव ने उन्हें क्षेत्र की जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया है।

शिक्षा और रोजगार पर फोकस

संभावित प्रत्याशी आजम अली का कहना है कि इस बार वोट सिर्फ अपने बच्चों के भविष्य के लिए दिया जाना चाहिए। उनका फोकस शिक्षा और रोजगार पर रहेगा। जन सुराज पार्टी की अवधारणा – “सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास” – के अनुरूप वह समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी ने उन्हें टिकट दिया तो उनका सामाजिक कार्य उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकती है। इस कारण सिवान सदर विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज की टिकट की पहली पसंद के रूप में उनका नाम तेजी से उभर रहा है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031