Crime Control: सिवान पुलिस की क्राइम मीटिंग में सख्त संदेश: अपराधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश, तेज ट्रायल और गिरफ्तारी पर जोर

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बसंतपुर थानाध्यक्ष बने ‘SHO ऑफ द मंथ’, 5 अनुसंधानकर्ताओं को किया गया सम्मानित; हर कॉल पर 15 मिनट में रिस्पॉन्स का आदेश

सेंट्रल डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता। सिवान |
जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर सिवान पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी थानाध्यक्षों और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 11 अप्रैल को समाहरणालय सभागार में आयोजित मार्च 2026 की अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक, सिवान ने विधि-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय), सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस उपाधीक्षक (साइबर), पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), सभी अंचल पुलिस निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस हत्या, आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को जल्द सजा दिलाना रहा।

पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि सभी थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों, जेल से छूटे अपराधियों और फरार आरोपियों की सूची को अपडेट करें और उनके खिलाफ कार्रवाई तेज करें। साथ ही वारंट, सम्मन और कुर्की के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया। वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता देने के साथ असामाजिक तत्वों के खिलाफ बीएनएसएस की धाराओं 126, 129, 132, 135 और सीसीए-3/12 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि बीएनएसएस की धारा 107 के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती के प्रस्ताव भेजे जाएं। पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन जैसे कार्यों को समय सीमा में पूरा करने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर भी जोर दिया गया।

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इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत कंट्रोल रूम से मिलने वाली शिकायतों पर हर हाल में 15 मिनट के भीतर कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया गया। आम जनता के साथ व्यवहार को लेकर भी पुलिस अधीक्षक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा कि थानों में आने वाले हर व्यक्ति से शालीनता से पेश आएं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करें।

रात्रि गश्ती और पैदल गश्ती को मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाकर शराब माफियाओं की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया।

एनडीपीएस, पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने और थाना परिसरों में नियमित रूप से गुंडा परेड व चौकीदार परेड आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया। सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान वर्दी में रहने और बेहतर टर्नआउट बनाए रखने की हिदायत दी गई।

बैठक के दौरान बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। बसंतपुर थानाध्यक्ष को ‘SHO ऑफ द मंथ’ घोषित किया गया। वहीं 10 से अधिक कांडों का अनुसंधान पूर्ण करने वाले 5 अनुसंधानकर्ताओं—पु.अ.नि. सोनी कुमारी (सराय थाना), पु.अ.नि. सविता कुमारी (गोरेयाकोठी थाना), पु.अ.नि. निरंजन कुमार (नगर थाना), पु.अ.नि. अमित कुमार (नगर थाना) और पु.स.अ.नि. पप्पु कुमार यादव (जामोबाजार थाना) को पुरस्कृत किया गया।

पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।

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