शिष्य पब्लिक स्कूल में हरे रंग में रंगा उत्सव का माहौल, पौधों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्चों को किया जागरूक
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता l सीवान।
शिष्य पब्लिक स्कूल, सीवान में नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच ग्रीन डे सेलिब्रेशन उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर का माहौल पूरी तरह हरियाली के रंग में रंगा नजर आया। बच्चों ने हरे रंग के परिधान पहनकर कार्यक्रम में भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण, पेड़-पौधों की उपयोगिता तथा स्वच्छ एवं हरे-भरे वातावरण का संदेश दिया।
ग्रीन डे के अवसर पर विद्यालय के नन्हे बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने हरे रंग से जुड़ी वस्तुओं, पौधों, पत्तियों और प्रकृति के विभिन्न स्वरूपों को पहचानने के साथ ही पर्यावरण के प्रति अपने विचार भी साझा किए। कई बच्चों ने आकर्षक वेशभूषा में प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को मनमोहक बना दिया।
शिक्षिकाओं ने बच्चों को समझाया कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके बिना स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण की कल्पना नहीं की जा सकती। बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने प्रकृति से प्रेम करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प भी लिया।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती नीलम वर्मा ने कहा कि बच्चों के लिए इस तरह के आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए उनमें प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है। उन्होंने कहा, “बच्चों में छोटी उम्र से ही पर्यावरण संरक्षण की आदत विकसित करना जरूरी है। ग्रीन डे के माध्यम से हम उन्हें यह समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। आज के बच्चे ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे, इसलिए उनमें प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना पैदा करना हमारी जिम्मेदारी है।”
प्राचार्या ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। कार्यक्रम में विद्यालय की शिक्षिकाओं ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
ग्रीन डे सेलिब्रेशन के दौरान बच्चों की मासूम मुस्कान, आकर्षक हरे परिधान और प्रकृति से जुड़ी गतिविधियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम ने बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।






