निगरानी जांच के दायरे में पूर्व ईओ का मामला, पदाधिकारियों–कर्मियों से की गई पूछताछ
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता, सिवान:
सिवान जिले में शुक्रवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय अचानक नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए। डीएम के अचानक आगमन से कार्यालय में मौजूद पदाधिकारी और कर्मचारी सकते में आ गए। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे डीएम ने सबसे पहले कार्यालय की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और इसके बाद आवश्यक संचिकाओं को मंगवाकर उनकी बारीकी से जांच शुरू की।

जिलाधिकारी ने नगर परिषद के विभिन्न विभागों से संबंधित फाइलों, स्वीकृत योजनाओं, कार्यादेशों और भुगतान से जुड़ी संचिकाओं को एक-एक कर देखा। इस दौरान उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों से सवाल-जवाब भी किए। कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया और दस्तावेजों का मिलान किया गया।
डीएम विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि नगर परिषद के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव से जुड़ा एक मामला निगरानी विभाग में चल रहा है। इसी मामले के संदर्भ में विभाग की ओर से जांच का आदेश प्राप्त हुआ है। आदेश के अनुपालन में ही नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर संचिकाओं की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य तथ्यों को समझना और रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है।

बताते हैं कि, जांच के दौरान कुछ फाइलों में अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठे, जिस पर कर्मियों से जानकारी ली गई। हालांकि डीएम ने मौके पर किसी तरह की कार्रवाई की घोषणा नहीं की, लेकिन संकेत दिए कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के इस औचक निरीक्षण से नगर परिषद कार्यालय में लंबे समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अधिकारी और कर्मचारी जरूरी कागजात जुटाने में लगे रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई को नगर परिषद में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।






