लगातार दूसरे दिन छापेमारी, जमीन के अंदर दबाकर रखी गई थीं मूर्तियां; फरार आरोपी की मां और पत्नी गिरफ्तार
सेंट्रल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
अनुज कुमार पांडेय, संवाददाता, गोपालगंज
प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर में हुए सनसनीखेज चोरी कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने फरार वांटेड आरोपी शरीफ आलम के घर लगातार दूसरे दिन भी छापेमारी की। नगर थाना क्षेत्र के अरार मोहल्ला स्थित उसके मकान में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने राम-सीता की बेशकीमती अष्टधातु की मूर्तियां बरामद की हैं।
पुलिस के अनुसार, ये मूर्तियां छपरा के एक मंदिर से चोरी कर लाई गई थीं और शरीफ के घर के अंदर जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई थीं। मूर्तियों को इस तरह दबाया गया था कि ऊपर से ईंट गिराकर सोलिंग कर दी गई थी, ताकि किसी को शक न हो। मेटल डिटेक्टर और तकनीकी टीम की मदद से जब खुदाई की गई, तब इस बड़ी बरामदगी का खुलासा हुआ।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने फरार आरोपी की पत्नी शब्बा खातुन और मां मदीना खातुन को गिरफ्तार किया है। दोनों से पूछताछ में चोरी से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने महिला पुलिस के संरक्षण में सोमवार को दोनों का सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराया, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया कि थावे मंदिर चोरी कांड को लेकर एसआईटी की कार्रवाई लगातार जारी है। छापेमारी के दौरान मकान के अंदर और आसपास के इलाकों में जमीन की खुदाई की गई, जहां से चोरी से जुड़े कई संदिग्ध सामान बरामद हुए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि फरार आरोपी शरीफ आलम के पास अब भी माता दुर्गा के चोरी गए आभूषणों का एक बड़ा हिस्सा होने की आशंका है। इसी इनपुट के आधार पर एसटीएफ और गोपालगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने घंटों सर्च ऑपरेशन चलाया।
गौरतलब है कि थावे दुर्गा मंदिर में चोरी की यह वारदात 17 सितंबर की रात हुई थी। अज्ञात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर माता दुर्गा के सोने का मुकुट, हार, छतरी सहित कई बहुमूल्य आभूषण चोरी कर लिए थे। अगले दिन सुबह पुजारी और मंदिर समिति के लोगों के पहुंचने पर घटना का खुलासा हुआ था।
पुलिस को उम्मीद है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल चोरी कांड का जल्द ही पूरा खुलासा हो जाएगा।






