Justice For Teachers: सीवान के पचरुखी में प्रधानाध्यापक से मारपीट व धमकी का आरोप, एफआईआर नहीं होने पर सवाल, 5 दिसंबर 2025 को पचरुखी थाने में एचएम ने दिया था लिखित आवेदन

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सरकारी विद्यालय में रंग-रोगन के दौरान दबंगों ने किया हंगामा, जान से मारने की धमकी का दावा

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

सिवान। पचरुखी थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय घोड़गहिया में पदस्थापित प्रधानाध्यापक मनीष कुमार ने गांव के कुछ दबंगों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने 5 दिसंबर 2025 को पचरुखी थाने में लिखित आवेदन दिया, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से पीड़ित प्रधानाध्यापक ने नाराजगी जताई है।

रंग-रोगन के दौरान स्कूल पहुंचे आरोपी, मजदूरों से मारपीट
पुलिस को दिए आवेदन में प्रधानाध्यापक के अनुसार 29 नवंबर 2025 की सुबह करीब 10:30 बजे विद्यालय में रंग-रोगन का कार्य चल रहा था। इसी दौरान बिपेन्द्र सिंह और आशुतोष कुमार सिंह उर्फ मोनू सिंह विद्यालय पहुंचे और मजदूरों के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने प्रधानाध्यापक को ढूंढते हुए अपशब्द कहे और डराने-धमकाने लगे।

अनुदान की राशि ऐंठने का आरोप
प्रधानाध्यापक का दावा है कि आरोपियों की मंशा विद्यालय विकास मद की अनुदान राशि जबरन वसूलने की थी। उन्होंने बताया कि मोनू सिंह द्वारा अकेले बुलाने पर वे नहीं गए, जिससे आरोपी और आक्रोशित हो गए।

112 पर कॉल करने पर और बढ़ी धमकी
घटना से भयभीत होकर प्रधानाध्यापक ने 112 पर कई बार कॉल किया। इसी बीच आशुतोष सिंह के भाई राजू सिंह मौके पर पहुंचे और शिक्षकों को स्थानांतरण कराने व गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। वीडियो बनाने पर शिक्षक शैलेन्द्र राम को भी गाली दी गई और वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया।

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शिक्षकों व ग्रामीणों में दहशत, पोस्टिंग से बचते हैं शिक्षक
प्रधानाध्यापक ने कहा कि आरोपियों के भय से न तो शिक्षक और न ही बच्चे कुछ बोलने को तैयार हैं। ग्रामीण भी डर के कारण चुप रहते हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी कई शिक्षकों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार हो चुका है, जिस कारण इस गांव में शिक्षक पोस्टिंग कराने से कतराते हैं।

थाने में आवेदन के बाद भी कार्रवाई नहीं
पीड़ित प्रधानाध्यापक ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्यमंत्री तक आवेदन की प्रति भेजी है। बावजूद इसके अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में प्रधानाध्यापक मनीष कुमार ने कहा कि अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है, उनका पूरा परिवार दहशत में है।

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