गुप्त सूचना पर असॉव थाना पुलिस, एसटीएफ एवं जिला आसूचना इकाई की संयुक्त कार्रवाई
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता, सीवान। जिले की पुलिस ने सक्रिय पुलिसिंग और लगातार चल रहे गिरफ्तारी अभियान के तहत बुधवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। जिले के टॉप-10/20 सूची में शामिल कुख्यात अपराधी एवं 25 हज़ार रुपये के इनामी मोहन सिंह उर्फ संजीव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक, सिवान मनोज कुमार तिवारी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य जिले में शांति-व्यवस्था बनाए रखते हुए अपराध के मुख्य शीर्षों पर अंकुश लगाना है।
गिरफ्तार अपराधी मोहन सिंह, पिता शम्भु सिंह, निवासी लोहगाजर, थाना असॉव, कई गंभीर मामलों में वांछित रहा है। पुलिस के अनुसार, 26 नवंबर को गुप्त सूचना मिली कि मोहन सिंह अपने क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद असॉव थाना पुलिस टीम, एसटीएफ और जिला आसूचना इकाई ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। घेराबंदी के दौरान मोहन सिंह को बिना किसी हंगामे के गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
मोहन सिंह का आपराधिक इतिहास बड़े गंभीर है। उसके खिलाफ असॉव, जीरादेई और गुठनी थाना क्षेत्रों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें आगजनी, संपत्ति नष्ट करना, चोरी, अवैध हथियार रखना और बी.एन.एस. की गंभीर धाराएं शामिल हैं। वर्ष 2023 से लेकर 2025 तक मोहन सिंह पर लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। असॉव थाना कांड संख्या-03/23 और 59/24 से लेकर 28/25 तक, साथ ही जीरादेई और गुठनी थानों में दर्ज मामलों के आधार पर पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी।
पुलिस के अनुसार, मोहन सिंह अपराधियों के ऐसे गिरोह से जुड़ा था जो चोरी, अवैध हथियारों की सप्लाई और स्थानीय स्तर पर दहशत फैलाने जैसे मामलों में सक्रिय रहता था। उसके फरार रहने के कारण स्थानीय पुलिस कई महीनों से दबाव में थी। अक्सर ठिकाने बदलते रहने के कारण वह पुलिस की पकड़ से बाहर रहता था, लेकिन मंगलवार की देर शाम मिली पुख्ता सूचना ने पुलिस को उसे दबोचने का मौका दे दिया।
गिरफ्तारी अभियान में असॉव थाना प्रभारी के नेतृत्व में थाना के पुलिसकर्मी, एसटीएफ टीम और जिला आसूचना इकाई के जवान शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ चल रहा अभियान निरंतर जारी रहेगा और जिले में कानून-व्यवस्था से समझौता किसी कीमत पर नहीं किया जाएगा।






