Nalanda News: हर स्नातक को अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने का संवैधानिक अधिकार: दिलीप कुमार

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स्नातक अधिकार मंच ने उठाया निर्वाचन आयोग पर सवाल — कहा, “स्नातक वोटर बनवाने की प्रक्रिया में हो रही है लापरवाही”

बिहार न्यूज़ डेस्क l पटना

अविनाश पांडेय, केएमपी भारत न्यूज, बिहारशरीफ।
स्नातक अधिकार मंच ने सोमवार को बिहारशरीफ स्थित अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। मंच के संयोजक दिलीप कुमार ने कहा कि बिहार समेत देश के चार राज्यों — बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश — में वर्ष 2026 में स्नातक निर्वाचन होने वाले हैं, लेकिन मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया बेहद लापरवाही से चल रही है।

उन्होंने बताया कि मतदाता सूची निर्माण की प्रक्रिया 30 सितंबर से 6 नवंबर 2025 तक तय की गई है, परंतु नालंदा सहित बिहार के किसी भी प्रखंड कार्यालय में न तो फॉर्म उपलब्ध है और न ही कोई सहायता केंद्र खोला गया है। इससे स्नातक मतदाताओं को आवेदन करने में भारी परेशानी हो रही है। दिलीप कुमार ने इसे “स्नातक मतदाताओं की संख्या घटाने की साजिश” करार दिया।

संयोजक ने कहा कि विधानसभा चुनाव की व्यस्तता के बीच यह प्रक्रिया शुरू करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि मंच पहले भी 2020 में पूरे बिहार में अभियान चलाकर हजारों स्नातकों को वोटर बनवा चुका है और अब अक्टूबर 2025 से “एक भी स्नातक छूटे नहीं, वोट देने से चुके नहीं” नारे के साथ फिर से जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है।

दिलीप कुमार ने सभी स्नातक युवाओं से अपील की कि वे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी Form-18 भरकर अपने-अपने प्रखंड कार्यालयों में जल्द जमा करें। उन्होंने कहा कि यह केवल मतदान का अधिकार नहीं, बल्कि शिक्षित वर्ग की भागीदारी और सम्मान की लड़ाई है।

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