“नारी शक्ति वंदन” अभियान के तहत नियुक्ति; महिला सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर रहेगा फोकस
सेंट्रल डेस्क l केएमपी भारत l भागलपुर
विकास कुमार। सहरसा :
बिहार की राजनीति में एक अहम कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सहरसा नगर निगम की महापौर बैन प्रिया संजीव झा को मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया है। यह जिम्मेदारी उन्हें पार्टी के “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम के तहत सौंपी गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है।
इस नियुक्ति के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आगामी चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। भाजपा प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलेगी।
महापौर बैन प्रिया संजीव झा ने इस जिम्मेदारी के लिए प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए विभिन्न कार्यक्रम, बैठकें और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं पार्टी से जुड़ सकें और नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।
महापौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम उसी सोच का विस्तार है, जो महिलाओं को समाज और राजनीति में समान अवसर प्रदान करने की दिशा में काम करता है।
इस अवसर पर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरें। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक व्यापक अभियान है, जिससे महिलाओं के प्रति सम्मान और सहभागिता का संदेश जन-जन तक पहुंचेगा।
भाजपा के इस कदम को आगामी राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जहां महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाकर पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।






