Saharsa: विद्यार्थियों में दहशत का माहौल: विवादों में घिरे शिक्षक के खिलाफ भड़के ग्रामीण, दूसरी जगह प्रतिनियुक्ति की माँग तेज

Share

25 नवंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी

डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l भागलपुर

सहरसा | संवाददाता–विकास कुमार
महंथ मिट्ठू दास +2 उच्च विद्यालय अमरपुर में कार्यरत सहायक शिक्षक शशि कुमार को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने शिक्षक पर गंभीर व्यवहारिक आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल अन्य विद्यालय में प्रतिनियुक्त करने की माँग की है। इस मुद्दे को लेकर सहरसा विधानसभा-75 के पूर्व विधायक प्रत्याशी बिट्टू कुमार, अजय कुमार यादव, पप्पू कुमार, मुकेश कुमार सहित अमरपुर गांव के ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा को एक लिखित आवेदन भी सौंपा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विवादित शिक्षक की उपस्थिति से विद्यार्थी भयग्रस्त रहते हैं, जिसके कारण विद्यालय में शिक्षण का अनुकूल वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समय विद्यालय में जाँच परीक्षा चल रही है, लेकिन शिक्षक के कथित अनुचित व्यवहार के चलते कई छात्र परीक्षा में सम्मिलित होने से भी हिचकिचा रहे हैं।

पूर्व विधायक प्रत्याशी बिट्टू कुमार ने बताया कि इस मामले की शिकायत शिक्षा विभाग को पहले भी की जा चुकी है। उन्होंने आवेदन में उल्लेखित जारी ज्ञापन संख्या 1013(नि०), दिनांक 19 नवंबर 2025 का हवाला देते हुए कहा कि मामले की जानकारी निदेशक, माध्यमिक शिक्षा को पूर्व में ही दे दी गई है। इसके बावजूद अब तक शिक्षक के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति संबंधी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि अंतिम निर्णय आने तक शशि कुमार को किसी अन्य विद्यालय में प्रतिनियुक्त किया जाए, ताकि विद्यालय का वातावरण सामान्य हो सके और विद्यार्थी निर्भय होकर पढ़ाई कर सकें।

इधर अजय कुमार यादव, पप्पू कुमार और मुकेश कुमार सहित अमरपुर गांव के अन्य ग्रामीणों ने भी डीईओ को आवेदन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि 25 नवंबर 2025 (मंगलवार) तक शिक्षक के प्रतिनियुक्ति संबंधी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे विद्यालय में पूर्णतः तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

- Sponsored -

ग्रामीणों की चेतावनी के बाद शिक्षा विभाग की निगाहें अब इस मामले पर टिक गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय में पिछले कई दिनों से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और छात्र-छात्राएँ भय के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ऐसे में विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती विद्यालय का शैक्षणिक माहौल फिर से पटरी पर लाना है।

अब देखना यह होगा कि विभाग 25 नवंबर की समय-सीमा से पहले विभाग क्या कदम उठाता है, क्योंकि ग्रामीण स्पष्ट कर चुके हैं कि आवश्यक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक कदम उठाना उनकी मजबूरी होगी।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930