मनरेगा कानून में बदलाव गरीबों के प्रति दुर्भावना का संकेत, कांग्रेस करेगी निर्णायक संघर्ष
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संजीव कुमार। पटना।
पटना महानगर कांग्रेस कमिटी की ओर से नेशनल हाल, कदमकुआं में मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत एकदिवसीय उपवास सत्याग्रह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने किया, जबकि अध्यक्षता पटना महानगर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि रंजन ने की। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मनरेगा मजदूरों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को जनसमर्थन प्रदान किया।
मनरेगा गरीबों का कानूनी अधिकार: राजेश राम
उपवास सत्याग्रह के समापन पर सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि मनरेगा देश के गरीब और श्रमिक वर्ग का कानूनी अधिकार है, इसके नाम या स्वरूप में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने मनरेगा लागू कर ग्रामीण गरीबों को रोजगार की गारंटी दी थी, जिससे बेरोजगारी, भुखमरी और मजबूरी में होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगी।
केंद्र की नीतियों से कमजोर हो रही ऐतिहासिक योजना
राजेश राम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण यह ऐतिहासिक योजना लगातार कमजोर की जा रही है। नाम बदलने और नियमों में बदलाव के जरिए इसकी मूल आत्मा से छेड़छाड़ संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि मजदूरों को समय पर मजदूरी क्यों नहीं मिल रही, काम के अवसर क्यों घटाए जा रहे हैं और बजट में लगातार कटौती क्यों की जा रही है।
महात्मा गांधी के नाम पर राजनीतिक प्रयोग खतरनाक: शशि रंजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महानगर अध्यक्ष शशि रंजन ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम के साथ राजनीतिक प्रयोग लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने गरीबों को काम के साथ सम्मान दिया। इसके मूल स्वरूप से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
शशि रंजन ने सरकार के समक्ष मांगें रखते हुए कहा कि मनरेगा का नाम और स्वरूप यथावत रखा जाए, योजना को कमजोर करने के प्रयास बंद हों, मजदूरों को समय पर पूरी मजदूरी मिले, काम मांगने पर काम देने की कानूनी व्यवस्था सख्ती से लागू हो और बजट में पर्याप्त वृद्धि की जाए।
गांव-गांव चौपाल, राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे पोस्टकार्ड
उन्होंने आगे बताया कि 12 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान मनरेगा मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता भारत के राष्ट्रपति के नाम पोस्टकार्ड भेजकर योजना को मजबूत बनाए रखने की मांग करेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा के साथ छेड़छाड़ जारी रही तो पार्टी सड़क से लेकर संसद तक निर्णायक संघर्ष करेगी।
नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में रौशन कुमार सिंह, शशांत शेखर, इन्द्रदीप चन्द्रवंशी, डॉ. संजय यादव, निशांत करपटने, डॉ. परवेज हुसैन, विकास वर्मा, शिवम राज, पवन केसरी, अभय कुमार जायसवाल सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






