सिवान में पुलिस पदाधिकारियों का बड़ा फेरबदल
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय l सिवान
जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा बड़े पैमाने पर पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण एवं पदस्थापन आदेश जारी किया गया है। 21 मार्च 2026 को जारी इस आदेश के तहत कुल 32 पुलिस पदाधिकारियों को उनके वर्तमान थानों से हटाकर नए थानों में पदस्थापित किया गया है। यह कार्रवाई प्रत्येक थाना में दो वर्षों का कार्यकाल पूरा होने के बाद की गई है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना अनिवार्य होगा। साथ ही, योगदान के बाद अनुपालन प्रतिवेदन भी समर्पित करने का निर्देश दिया गया है।
नगर, बड़हरिया, रघुनाथपुर समेत कई थानों में बदलाव
इस तबादला सूची में जिले के कई प्रमुख थाने शामिल हैं, जिनमें नगर थाना, मुफ्फसिल थाना, बड़हरिया, रघुनाथपुर, हुसैनगंज, सिसवन, भगवानपुर, महाराजगंज और एमएच नगर थाना प्रमुख हैं। नगर थाना अनुसंधान इकाई में कार्यरत कई पदाधिकारियों को अन्य थानों में भेजा गया है, वहीं अन्य थानों से भी अधिकारियों को नगर थाना में लाया गया है।

पु.अ.नि. अशोक कुमार मुखिया को नगर थाना से मुफ्फसिल थाना भेजा गया है, जबकि स.अ.नि. अरुण कुमार महतो को नगर थाना से पचरुखी थाना में पदस्थापित किया गया है। इसी तरह अनिकेत कुमार, अनिल कुमार सिंह और दुर्गा कुमारी जैसे पदाधिकारियों को भी नए थानों में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अनुसंधान इकाई को मजबूत करने पर फोकस
इस बार के तबादले में खास बात यह है कि अधिकांश पदाधिकारियों को अनुसंधान इकाई (Investigation Unit) में ही रखा गया है। इससे साफ है कि पुलिस विभाग अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। हुसैनगंज, सिसवन, रघुनाथपुर और एमएच नगर जैसे थानों में अनुसंधान इकाई को विशेष रूप से मजबूत किया गया है।
पु.अ.नि. चितरंजन कुमार, दिपक कुमार, निरंजन कुमार सिंह और चुनचुन दास को भी नई जगहों पर जिम्मेदारी दी गई है। वहीं महिला पदाधिकारियों जैसे आभा कुमारी और रूबी कुमारी आर्या का भी स्थानांतरण किया गया है, जिससे विभिन्न थानों में महिला पुलिस की उपस्थिति संतुलित हो सके।
प्रशासनिक संतुलन और कार्यकुशलता बढ़ाने की कोशिश
पुलिस विभाग के इस कदम को प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने और कार्यकुशलता बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से एक ही थाना में कार्यरत पदाधिकारियों को बदलने से कार्य में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। साथ ही, इससे स्थानीय स्तर पर निष्पक्षता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होती है।
तत्काल योगदान का सख्त निर्देश
पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी पदाधिकारी बिना विलंब अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान दें। आदेश की अवहेलना करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।







