यह आदेश बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग और इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सकों व चिकित्सक शिक्षकों पर लागू होगा
हेल्थ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सीवान/पटना।
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और मरीजों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। ‘सात निश्चय–3’ के तहत राज्य सरकार ने एलोपैथिक पद्धति के अंतर्गत कार्यरत डॉक्टरों और चिकित्सक शिक्षकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

किन पर लागू होगा आदेश
यह आदेश बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग और इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सकों व चिकित्सक शिक्षकों पर लागू होगा। इसके बाद इन संवर्गों के डॉक्टर अब निजी क्लिनिक या अन्य किसी माध्यम से निजी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।

आदेश के बाद सीवान में प्रशासन हुआ सक्रिय
सरकारी आदेश जारी होने के बाद जिला प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। देर शाम जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय सीवान सदर अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह भी मौजूद रहे।

डीएम ने दिए अहम निर्देश
जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति, बेहतर इलाज, दवाओं की उपलब्धता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सरकार के आदेश का सख्ती से पालन हो।
क्यों लिया गया यह फैसला
सरकार का मानना है कि निजी प्रैक्टिस के कारण सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता प्रभावित होती है। इसी वजह से मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिल पाता। इस स्थिति में सुधार के लिए निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

NPA / प्रोत्साहन राशि की तैयारी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निजी प्रैक्टिस पर रोक के बाद डॉक्टरों को आर्थिक नुकसान न हो, इसके लिए गैर–व्यावसायिक भत्ता (NPA) या प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए विस्तृत दिशा–निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
सदर अस्पताल सीवान के अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सरकार का आदेश आ गया है, लेकिन अभी तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा,“जब तक सरकार की ओर से औपचारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक किसी भी सरकारी डॉक्टर को निजी प्रैक्टिस करने से नहीं रोका जा सकता। नोटिफिकेशन जारी होते ही निजी प्रैक्टिस पर पूर्ण पाबंदी लागू कर दी जाएगी।”
पढ़ते रहिए KMP भारत…
हम जल्द बताएंगे उन सभी मशहूर सरकारी डॉक्टरों के नाम, जो सदर अस्पताल में ड्यूटी करने के बावजूद धड़ल्ले से कर रहे हैं प्राइवेट प्रैक्टिस।






