डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
पटना | विशेष संवाददाता
नगर विकास एवं आवास विभाग की योजनाओं और परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग ने GEM (Government e-Marketplace) पोर्टल के माध्यम से जारी टेंडर और बीड से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया है। यह समिति न केवल प्राप्त शिकायतों की जांच करेगी, बल्कि विगत वर्षों में जारी टेंडर और बीड की प्रक्रिया की भी समीक्षा करेगी।
इस संबंध में 28 फरवरी 2026 को विभागीय कार्यालय आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार, गठित समिति राज्य के विभिन्न नगर निकायों में GEM पोर्टल के माध्यम से हुए बड़े क्रयादेशों के आधार पर रैंडम चयन कर जांच करेगी।

वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
गठित जांच समिति में विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति में शामिल प्रमुख अधिकारी इस प्रकार हैं —
- अनिमेष कुमार परासर (IAS), प्रबंध निदेशक, बुडको
- विजय प्रकाश मीणा (IAS), अपर सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग
- विनोद कुमार, अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव
- कमरे आलम, अभियंता प्रमुख के प्रावैधिकी सचिव
यह समिति योजनाओं और परियोजनाओं से जुड़े GEM पोर्टल आधारित टेंडर प्रक्रिया की गहन समीक्षा करेगी।
रैंडम जांच से होगी पारदर्शिता की पड़ताल
कार्यालय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच दल बड़े क्रयादेशों के आधार पर नगर निकायों का रैंडम चयन करेगा। चयनित निकायों में टेंडर और बीड प्रक्रिया की जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और नियमों का पालन हुआ है या नहीं।
विशेष रूप से उन मामलों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनसे संबंधित शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसके अलावा, बीते वर्षों में हुए टेंडरों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि संभावित अनियमितताओं की पहचान की जा सके।
15 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने इस जांच को समयबद्ध बनाया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह जांच पूरी कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर विभाग को सौंपे।
इस जांच में तकनीकी सहयोग के लिए विभाग के आईटी प्रबंधक श्री पंकज कुमार को नामित किया गया है, जो समिति को GEM पोर्टल से संबंधित डाटा और तकनीकी पहलुओं में सहायता प्रदान करेंगे।
सक्षम प्राधिकार से मिली मंजूरी
जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जांच समिति के गठन को सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त है। आदेश परियोजना पदाधिकारी-सह-अपर निदेशक उमाकान्त पाण्डेय के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि GEM पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीद प्रक्रियाओं की जांच से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।
सरकार के इस कदम को नगर निकायों में चल रही योजनाओं की गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






