Stop Child Labour: अपूर्वा स्वीट्स से 3 बाल श्रमिक मुक्त कराने का मामला : नियोजक उपेंद्र तिवारी पर प्राथमिकी दर्ज

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श्रम संसाधन विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप: निरीक्षण के दौरान अपूर्वा स्वीट्स में काम करते मिले थे तीन नाबालिग बच्चे

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी की पहल पर दर्ज हुआ टाउन थाने में मामला; 9 अप्रैल 2026 को श्रम विभाग द्वारा गठित धावादल ने महादेवा नगर थाना के सहयोग से की थी छापेमारी

सेन्ट्रल डेस्क l केएमपी भारत l पटना

संवाददाता। पटना :
सिवान में बाल श्रम के खिलाफ श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की सख्त कार्रवाई से सिवान जिला में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत जेपी चौक स्थित अपूर्वा स्वीट्स से तीन नाबालिग बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया था। इस मामले में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के निर्देश पर नियोजक उपेंद्र तिवारी के विरुद्ध टाउन थाना, सिवान में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। https://youtube.com/shorts/iireBXBWNM0?si=V4KOnk-MlpX01RuK

उल्लेखनीय है कि 9 अप्रैल 2026 को श्रम विभाग द्वारा गठित धावादल ने महादेवा नगर थाना के सहयोग से छापेमारी अभियान चलाया था। इस दौरान अपूर्वा स्वीट्स प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया, जहां तीन नाबालिग बच्चे कार्य करते हुए पाए गए थे। जांच में सामने आया कि सभी बच्चों की उम्र 14 वर्ष से कम है, जो बाल श्रम कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।

मुक्त कराए गए बाल शमिकों में एक समस्तीपुर का तथा शेष दोनों दरभंगा के निवासी हैं।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इस मामले में अपूर्वा स्वीट्स के नियोजक उपेंद्र तिवारी, पिता राजेंद्र तिवारी, निवासी शास्त्री नगर, थाना सिवान, जिला सिवान के खिलाफ धारा 3/3A (धारा 14A के प्रावधान सहित) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

इस छापेमारी अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अनीता देवी (सिवान सदर), मुरारी सिंह (सिवान सदर), सधांशु रंजन पाण्डेय (आंदर), श्याम सुन्दर गुप्ता (जीरादेई), विश्वजीत कुमार (नौतन) और जितेंद्र पासवान (एएसआई, सिवान टाउन थाना) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही सीएसए स्वीटी कुमारी सिंह का भी सहयोग रहा।

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से जिले में बाल श्रम के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

पढ़ते रहिए KMP भारत..

जल्द ही बताएंगे कि नियोजक द्वारा कल्याण कोष में कितनी जमा की गई है राशि और इस मामले में आगे क्या-क्या की गई विभागीय कार्रवाई ?

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