यात्रियों में दहशत; सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग तेज
डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l पटना
संवाददाता। सिवान।
सिवान शहर का ललित बस स्टैंड इन दिनों असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। हालत यह है कि यहां रोजाना दो–तीन छिनैती की घटनाएं सामने आती हैं। खासकर सुबह और शाम के समय जब यात्रियों की भीड़ अधिक होती है, नशेड़ी और स्माइकर सक्रिय हो जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड के आसपास बैठे नशेड़ी मौके का फायदा उठाकर यात्रियों का सामान छीनकर भाग जाते हैं। इससे यहां पहुंचने वाले यात्रियों में डर का माहौल बना रहता है।
लोगों का कहना है कि यदि बस स्टैंड परिसर और कचहरी स्टेशन के बीच दो–चार पुलिसकर्मियों की लगातार तैनाती कर दी जाए, तो स्माइकरों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि पुलिस की मौजूदगी दिखते ही ये गिरोह इलाके से गायब हो जाते हैं और घटनाओं में भी कमी आ जाएगी।
ललित बस स्टैंड के ठीक बगल में सीवान कचहरी रेलवे स्टेशन स्थित है, जहां कई ट्रेनों का ठहराव होता है। यात्रियों की संख्या भी पर्याप्त रहती है। यात्रियों के अनुसार, जैसे ही ट्रेन सीवान कचहरी स्टेशन से खुलती है, उतरने वाले लोग अपना सामान लेकर बाहर आते हैं। इसी दौरान आसपास खड़े स्माइकर अचानक हमला बोलते हैं और बैग, पर्स, मोबाइल जैसी कीमती वस्तुएं छीनकर फरार हो जाते हैं। चूंकि बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन का क्षेत्र काफी व्यस्त रहता है, इसलिए उन्हें भीड़ में छिपकर भागना आसान हो जाता है।
इसी समस्या को लेकर स्थानीय लोग अब खुलकर प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग करने लगे हैं।
खुरमाबाद निवासी मनोज कुमार सिंह, लखराव निवासी उपेंद्र यादव व चंद्रशेखर यादव, मुन्ना कुमार, राजकुमार, रामू यादव, लखराव के राजेश गुप्ता, मुकेश गुप्ता, राजू चौहान, उदय कुमार वर्मा, हरिशंकर द्विवेदी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सीवान पुलिस अधीक्षक से बस स्टैंड क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र शहर का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है जहां रोज हजारों लोग आते–जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहने से न केवल यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है बल्कि शहर की छवि पर भी असर पड़ रहा है।
लोगों ने यह भी कहा कि बस स्टैंड एवं स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाए, गश्ती दल की तैनाती की जाए और नशेड़ियों पर अभियान चलाकर उन्हें हटाया जाए। अगर प्रशासन इस दिशा में कदम उठाए तो इन घटनाओं पर जल्द नियंत्रण पाया जा सकता है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुलिस अधीक्षक उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई करेंगे ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और क्षेत्र में दुबारा सुरक्षित माहौल बन सके।






