जल्द अमीर बनने की चाहत में तस्कर कानून को खुलेआम दे रहे चुनौती
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता। सिसवन।
सिसवन थाना क्षेत्र के दियारा इलाके में अवैध शराब तस्करी एक बार फिर गंभीर चुनौती बनकर उभरी है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद सीमा पार उत्तर प्रदेश से बेखौफ होकर शराब लाई जा रही है। अवैध धंधे से जल्द अमीर बनने की चाहत में तस्कर न केवल कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं, बल्कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल भी बना रहे हैं।
सीमा का फायदा उठा रहे तस्कर
स्थानीय लोगों के अनुसार, यूपी-बिहार सीमा से सटे दियारा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति तस्करों के लिए अनुकूल है। नदी, बालू क्षेत्र और कच्चे रास्तों के सहारे शराब की खेप आसानी से लाई जा रही है। शाम ढलते ही तस्करों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे ग्रामीणों में डर बना रहता है।
राजू यादव की हत्या से दहशत और गहरी
गौरतलब है कि थाना क्षेत्र के गयासपुर दियारा में बीते शनिवार की देर रात स्थानीय किसान राजू यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के परिजनों का आरोप है कि शराब तस्करी का विरोध करने पर तस्करों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद दियारा इलाके में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है।
अवैध हथियारों की भी चर्चा
चर्चाओं की मानें तो दियारा में सक्रिय शराब तस्करों के पास अवैध हथियारों का जखीरा है। इसी कारण ग्रामीण उनके खिलाफ खुलकर बोलने से कतराते हैं। लोग आशंकित हैं कि तस्करों का विरोध करने पर जान-माल का खतरा बढ़ सकता है।
खेती-किसानी और पशुपालन प्रभावित
डर के चलते दियारा में खेती करने वाले किसान शाम होने से पहले ही अपने घर लौट आते हैं। बांस की झोपड़ियां डालकर मवेशी पालने वाले पशुपालक भी अब दियारा में रुकने से बच रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा है।
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
राजू यादव हत्याकांड में चार लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मुख्य अभियुक्त सहित दो नामजद अब भी फरार हैं। शराब तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने दियारा क्षेत्र में विशेष पुलिस अभियान, सीमा पर कड़ी निगरानी और शराब तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि इलाके में भयमुक्त माहौल बहाल हो सके।






