सुबह 9 बजे तरवारा मोड़ से निकलेगा पैदल मार्च, 10 बजे अंबेडकर पार्क गोपालगंज मोड़ पर होगा शांतिपूर्ण प्रदर्शन
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान।
व्यावसायिक ड्राइवरों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार 9 मार्च को शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेगा। इस कार्यक्रम से पहले सुबह 9 बजे सिवान के तरवारा मोड़ से एक पैदल मार्च निकाला जाएगा, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए अंबेडकर पार्क, गोपालगंज मोड़ पहुंचेगा। वहां सुबह 10 बजे से धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नागेंद्र कुमार शाह ने बताया कि राज्य के व्यावसायिक ड्राइवर लंबे समय से कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इसी को लेकर संगठन ने सरकार के समक्ष 10 सूत्री मांग पत्र रखा है और इन मांगों के समर्थन में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करना शामिल है, ताकि मृतक ड्राइवर के परिवार को सरकारी सहायता मिल सके। इसके अलावा ड्राइवरों के हितों की रक्षा के लिए ड्राइवर आयोग और ड्राइवर वेलफेयर फंड की स्थापना करने की मांग भी की गई है।
संगठन ने दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये मुआवजा तथा स्थायी अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये सहायता देने की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही दुर्घटना में घायल होने वाले ड्राइवरों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
ड्राइवरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने तथा दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की व्यवस्था करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग भी शामिल है।

सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सभी व्यावसायिक वाहनों में आगे और पीछे रिकॉर्डिंग के लिए छह कैमरे लगाने की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भी संगठन ने रखा है, ताकि दुर्घटना या विवाद की स्थिति में वीडियो फुटेज के आधार पर दोषी की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।
इसके साथ ही 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने, ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक की मान्यता देने, सरकारी अस्पतालों के आईसीयू में एक बेड ड्राइवरों के लिए आरक्षित करने तथा ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने की मांग भी शामिल है।

जिलाध्यक्ष नागेंद्र कुमार शाह ने बताया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसमें जिले के बड़ी संख्या में व्यावसायिक ड्राइवर भाग लेंगे।






