सदर अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता की अध्यक्षता में हुई अधिकरण की बैठक, कई पीड़ितों को मिली राहत
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सिवान। आज 23 फरवरी 2025 को सदर अनुमंडल पदाधिकारी आशुतोष गुप्ता की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ में बिहार माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण अधिकरण (ज्यूडिशियल बेंच) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीड़ित एवं जरूरतमंद बुजुर्गों से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान रघुनाथपुर क्षेत्र से जुड़े एक मामले में पति द्वारा पूर्व निर्धारित 8,000 रुपये मासिक भरण-पोषण राशि पिछले पांच माह से अपनी पत्नी को नहीं देने का मामला सामने आया। इस पर अधिकरण ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पति के विरुद्ध सम्मन जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही आदेश दिया गया कि लंबित भरण-पोषण राशि अविलंब पीड़ित पत्नी के बैंक खाते में जमा कराई जाए।
इसके अलावा हथिगांय पंचायत से आए एक अन्य गंभीर मामले में एक पुत्र द्वारा अपने वृद्ध पिता को लगातार प्रताड़ित किए जाने की शिकायत पर अधिकरण ने संज्ञान लिया। मामले की सच्चाई की पुष्टि के लिए मनोज मिश्र और अनुराधा गुप्ता की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसे शीघ्र स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में एमएम कॉलोनी से संबंधित एक दिव्यांग महिला के मामले की भी सुनवाई की गई, जिसमें उसके शिक्षक पति द्वारा मानसिक एवं सामाजिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई गई थी। अधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा तथा आगे की कार्रवाई के संकेत दिए।
अधिकरण ने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों की देखरेख, संरक्षण, आवास एवं भरण-पोषण सुनिश्चित करना परिवार की कानूनी जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि कोई भी वरिष्ठ नागरिक उपेक्षा या प्रताड़ना का शिकार होता है, तो वह सीधे अधिकरण के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अधिकरण में आवेदन की पूरी प्रक्रिया निशुल्क है और मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाती है, ताकि जरूरतमंद बुजुर्गों को समय पर न्याय मिल सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने वृद्ध परिजनों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर अधिकरण से संपर्क करें।






