डिजिटल डेस्क l केएमपी भारत न्यूज़ l पटना
संवाददाता, महराजगंज (सीवान): महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। शादी–विवाह का सीजन हो या त्योहारों का समय, शहर की सड़कें घंटों तक जाम की गिरफ्त में रहती हैं। नखास चौक से रेलवे ढाला तक और राजेंद्र चौक से शहीद स्मारक चौक तक वाहनों की लंबी कतारें आम बात हो चुकी हैं। सिहौता गल्लापट्टी से नया बाजार सब्जी मंडी तक तो हाल और भी बदतर है। जाम के कारण स्थानीय दुकानदारों से लेकर आम राहगीरों तक सभी परेशान हैं।
बड़े वाहनों और स्कूली बसों से बिगड़ता ट्रैफिक
नो-एंट्री लागू होने के बावजूद बड़े वाहन बेरोक-टोक शहर में प्रवेश कर जाते हैं। सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन नियम सिर्फ कागज पर नजर आते हैं। स्कूली बसें भी बाजार की तंग गलियों में जाम बढ़ाने का कारण बन रही हैं। छोटे वाहन चालक भी यातायात नियमों को ताक पर रखकर जहां-तहां पार्किंग कर देते हैं, जिससे सड़कें और संकरी हो जाती हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात पुलिस की तैनाती नहीं होती, जिससे वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही रोजाना जाम का रूप ले लेती है।
पांच वर्षों से अटका है बाईपास निर्माण का प्रस्ताव
जाम से राहत दिलाने के लिए पांच वर्ष पहले तत्कालीन एसडीओ रामबाबू प्रसाद गुप्ता ने रूकुंडीपुर के टोला धनौता नहर से करसौत नहर तक पश्चिमी बांध पर बाईपास निर्माण की योजना तैयार की थी। इस संबंध में सर्वे भी कराया गया और पूरी फाइल जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दी गई थी। लेकिन तब से यह प्रस्ताव अधर में लटका हुआ है। बाईपास न बनने से शहर की सारी ट्रैफिक मुख्य सड़क से गुजरती है, जिसके कारण जाम की समस्या हर दिन और भी विकराल हो रही है।
जल्द मिलेगी राहत, नए सर्वे की प्रक्रिया शुरू होगी: विधायक
महाराजगंज के विधायक हेमनारायण साह ने कहा है कि जाम की समस्या गंभीर है और इसका समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा। बाईपास निर्माण को लेकर नए सिरे से सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना का डीपीआर तैयार कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाईपास बनने के बाद भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।
महाराजगंज के लोगों की उम्मीदें अब इस नई प्रक्रिया से जुड़ गई हैं। यदि बाईपास निर्माण को हरी झंडी मिलती है, तो वर्षों से चली आ रही जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।






