राष्ट्रनिर्माण में भागीदारी का दिया संदेश
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
संवाददाता, सिवान। लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने और संवैधानिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से माय भारत के तत्वावधान में मंगलवार को संविधान दिवस अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का माहौल देशभक्ति और राष्ट्रनिष्ठा की भावना से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों और समाजसेवियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद तथा भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। वक्ताओं ने कहा कि विवेकानंद की राष्ट्रवाद की भावना और बाबा साहब के संविधान-निर्माण के योगदान ने भारत की लोकतांत्रिक पहचान को मजबूत आधार दिया है।
इसके बाद उपस्थित लोगों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण किया। शपथ के दौरान संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों का पालन करने का संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि संविधान सिर्फ कानूनों का दस्तावेज नहीं, बल्कि यह देश की आत्मा है, जो हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्यों के निर्वहन का रास्ता दिखाता है। युवाओं को राष्ट्रनिर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने, सामाजिक समरसता बनाए रखने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन माय भारत के ऑफिस असिस्टेंट विकास कुमार द्वारा किया गया, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सिवान के जिला प्रचारक गिरीश कुमार सिंह की उपस्थिति ने समारोह को और अधिक प्रेरक बनाया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित युवा बजरंग दल, सिवान, बिहार-झारखंड के अध्यक्ष जन्मांजय सिंह ने युवाओं को देशहित में जागरूकता, अनुशासन और समाज सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी संविधान के मूल्यों को समझकर राष्ट्र की दिशा बदल सकती है।
विशिष्ट अतिथि सौमिल उपाध्याय ने शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में संवैधानिक सिद्धांतों के उपयोग और उनकी प्रासंगिकता पर विस्तृत प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में निशा कुमारी, सरिता कुमारी, अभिषेक कुमार, प्रशांत रंजन, पंकज कुमार, आदित्य सिंह, रूपेश राय, भानु प्रताप, मुकेश कुमार, रिशु सिंह, आशुतोष कुमार, विक्की जी सहित अनेक लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।






