सीवान : राजेंद्र बाबू के गांव में खुले नेत्र संस्थान का सैटेलाइट सेंटर: पीएम मोदी को भेजा गया पत्र

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इंजीनियर प्रमोद मल्ल ने की मांग, कहा- बच्चों की आंखों की समस्या से प्रभावित हो रही पढ़ाई

25 हजार से अधिक बच्चे आंख की बीमारी से पीड़ित, गांवों में नहीं है जांच और इलाज की सुविधा

राजेन्द्र बाबू के नाम पर चल रहे नेत्र संस्थान का एक केंद्र हो जिरादेई में

केएमपी भारत। जिरादेई (सिवान)।
देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जन्मस्थली जिरादेई को चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद जगी है। आपन सिवान संस्था के संयोजक और भारत गौरव देशरत्न राजेन्द्र मेमोरियल फाउण्डेशन के संस्थापक इंजीनियर प्रमोद कुमार मल्ल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सेन्टर फॉर आप्थाल्मिक साइंसेज का एक सैटेलाइट सेंटर जिरादेई में खोलने की मांग की है।

गांवों के बच्चों में तेजी से बढ़ रही आंखों की समस्या

प्रमोद मल्ल ने पत्र में लिखा है कि गांवों में बड़ी संख्या में बच्चे आंखों की बीमारी से जूझ रहे हैं। खासकर 12 वर्ष तक के बच्चों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि जिरादेई विधानसभा क्षेत्र में ही 25 हजार से ज्यादा बच्चे आंखों की किसी न किसी समस्या से पीड़ित हैं। संसाधन और जानकारी के अभाव में गांव के बच्चों की समय पर जांच नहीं हो पाती, जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक विकास प्रभावित होता है।

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शहरों में इलाज संभव, गांव के बच्चे रह जाते हैं पीछे

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शहरों के संपन्न परिवार अपने बच्चों की समय पर आंखों की जांच कराकर उनका इलाज करा लेते हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह सुविधा नहीं होने से वहां के बच्चे अंधकार में जीवन जीने को मजबूर हैं। ये बच्चे तेज बुद्धि के होते हुए भी सही इलाज न मिलने के कारण भटक जाते हैं और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।

राजेन्द्र बाबू की धरती पर नेत्र संस्थान की शाखा हो स्थापित

पत्र में प्रमोद मल्ल ने यह भी लिखा है कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के नाम पर देशभर में संचालित नेत्र संस्थान का एक केंद्र यदि राजेन्द्र बाबू की जन्मभूमि जिरादेई में स्थापित किया जाए, तो यह न केवल नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल होगी, बल्कि राजेन्द्र बाबू की विरासत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी।

नेत्र संस्थान के विशेषज्ञों से जांच और इलाज की मिलेगी सुविधा

इस सैटेलाइट सेंटर के खुलने से न केवल जिरादेई बल्कि आसपास के हजारों गांवों के लोगों को नेत्र रोगों की समय पर जांच और इलाज मिल सकेगा। साथ ही बच्चों की शिक्षा और भविष्य भी बेहतर होगा।

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