जेपीईएच मेडिकल कॉलेज व जीआरएल इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजन, मुफ्त मेडिकल कैंप में सैकड़ों लोगों को दवाइयां वितरित
डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
सीवान। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जेपीईएच मेडिकल कॉलेज कैंसर रिसर्च सेंटर, सीवान एवं जीआरएल इंडिया, उड़ीसा के संयुक्त तत्वावधान में शहर के मनीष होटल में शनिवार को कैंसर रिसर्च, मैनेजमेंट, प्रिवेंशन एवं अवेयरनेस के साथ-साथ ग्लोबल वार्मिंग विषय पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए इलेक्ट्रो होमियोपैथिक चिकित्सकों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवियों ने भाग लेकर स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए।
सेमिनार की मुख्य अतिथि जेपी यूनिवर्सिटी के प्राणी शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रीता कुमारी रहीं। कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आए इलेक्ट्रो होमियोपैथिक चिकित्सकों के अलावा डॉ. रविंद्र नाथ पाठक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। वक्ताओं ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने और समय पर जांच व उपचार की आवश्यकता पर बल दिया।
सेमिनार के प्रथम सत्र में जेपीईएच मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जी.एस. सत्संगी ने कैंसर जागरूकता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों में जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। समय पर जांच और सही उपचार से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
वहीं डॉ. एस. त्यागी ने अपने संबोधन में बताया कि जेपीईएच मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रो होमियोपैथी पद्धति से कैंसर, किडनी से जुड़ी बीमारियों, लीवर सिरोसिस सहित कई गंभीर और जानलेवा रोगों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पद्धति के माध्यम से मरीजों को बेहतर और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कॉलेज के रजिस्ट्रार डॉ. डी.के. सिन्हा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को सुरक्षित और आरामदायक वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी झिझक के अपनी समस्याओं को डॉक्टरों के सामने रख सकें और सकारात्मक सोच के साथ उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकें।
सेमिनार के दौरान संयुक्त रूप से एक निशुल्क मेडिकल कैंप भी आयोजित किया गया। इस मेडिकल कैंप में डॉ. रविंद्र नाथ पाठक, डॉ. रामानंद पाठक और डॉ. राजा प्रसाद सहित अन्य चिकित्सकों की उपस्थिति में सैकड़ों मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प दोहराया।






