प्रति दिन ₹10,000 जुर्माना और स्कूल बंद रखने का विभाग ने दिया आदेश
एजुकेशन न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना
कृष्ण मुरारी पांडेय। सिवान/महाराजगंज।
प्रखंड संसाधन केंद्र, महाराजगंज द्वारा बिना सरकारी प्रस्वीकृति (UDISE/QR कोड) के संचालित निजी विद्यालयों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया गया है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) ने 30 मार्च 2026 को जारी आदेश में 22 निजी विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से संचालन बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर प्रतिदिन ₹10,000 का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य और जिला स्तर से मिले निर्देश के बाद कार्रवाई
यह कार्रवाई प्राथमिक शिक्षा निदेशक, बिहार के पत्रांक 223 (13 फरवरी 2026) एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान के पत्रांक 682 (28 फरवरी 2026) के निर्देश पर की गई है। “बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE)” के तहत सभी निजी विद्यालयों को प्रस्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य है।

इन 22 विद्यालयों को भेजा गया नोटिस
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जिन विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं—
- बी.एन. पब्लिक स्कूल, पटेड़ी बाजार
- सरस्वती ज्ञान मंदिर, पटेड़ी बाजार
- गुरुकुल पब्लिक स्कूल, पटेड़ी बाजार
- डाईनेमिक पब्लिक स्कूल, पटेढ़ी बाजार
- गुरुकुल प्ले स्कूल, मर्दनपुर
- एकलव्य इंटरनेशनल स्कूल, देवरिया (अंसारी मोड़)
- क्रिएटिव पाठशाला, पटेढ़ा बाजार
- इकरा पब्लिक स्कूल, पटेढ़ा (देवरिया)
- डॉन बास्को इंग्लिश स्कूल, मिश्रवलिया
- नव ज्योति पब्लिक स्कूल, शिवदह (काली स्थान के पास)
- सरस्वती ज्ञान मंदिर, मिश्रवलिया (पोखरा के पास)
- एस.आर.बी. पब्लिक स्कूल, आकाशी मोड़
- ग्रोथ चाइल्ड एकेडमी, आकाशी मोड़
- शांति निकेतन पब्लिक स्कूल, बड़का टेघड़ा
- डी.डी. पब्लिक स्कूल, पोखरा
- हैप्पी बचपन पब्लिक स्कूल, इंदौली (शिव मंदिर के पास)
- उत्तम ज्ञान बिंदु पब्लिक स्कूल, नया बाजार, सिवान रोड
- आर.के.एम.सी.ई. पब्लिक स्कूल, गौर
- अमित ब्राइट पब्लिक स्कूल, धोबवलिया
- रेड रोज़ पब्लिक स्कूल, नौतन (खाढ़ी बाजार)
- महाराजगंज पब्लिक स्कूल, गौर बाजार
- एम.एस.आर. पब्लिक स्कूल, धनपुरा

दैनिक ₹10,000 जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बिना प्रस्वीकृति के विद्यालय संचालन जारी रखने पर संबंधित संस्थान पर ₹10,000 प्रति दिन का अर्थदंड लगाया जाएगा। साथ ही नियमानुसार विधिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
अभिभावकों और छात्रों पर पड़ेगा असर
इस आदेश के बाद हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अचानक विद्यालय बंद होने से अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। हालांकि शिक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने सभी विद्यालय संचालकों को निर्देश दिया है कि वे शीघ्र प्रस्वीकृति प्राप्त करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “सरकारी नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है रिपोर्ट
इस आदेश की प्रतिलिपि जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) को भी भेजी गई है, जिससे पूरे मामले की निगरानी जिला स्तर पर की जा सके।






