Chess Champion: सिवान के नन्हें शतरंज खिलाड़ी अर्नव का कमाल, बिहार ओपन FIDE टूर्नामेंट में जीता रजत पदक

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600 से अधिक खिलाड़ियों के बीच अंडर-7 वर्ग में दूसरा स्थान; कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई प्रतिभा

डिजिटल न्यूज़ डेस्क l केएमपी भारत l पटना

कृष्ण मुरारी पांडेय। पटना/सिवान:

सिवान जिले के लिए गर्व का क्षण तब आया जब डीएवी स्कूल के यूकेजी के छात्र और नन्हें शतरंज खिलाड़ी अर्नव कुमार ने ‘बिहार ओपन FIDE रेटिंग चेस टूर्नामेंट 2026’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-7 आयु वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अर्नव ने अपनी प्रतिभा का ऐसा परिचय दिया, जिसने सभी को प्रभावित कर दिया।

इस टूर्नामेंट को बिहार के अब तक के सबसे बड़े शतरंज आयोजनों में गिना जा रहा है, जिसमें भारत के साथ-साथ जिम्बाब्वे, नेपाल और रूस जैसे देशों के 600 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। इतने बड़े और प्रतिस्पर्धात्मक मंच पर अर्नव का प्रदर्शन उनकी क्षमता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

अर्नव ने कुल 9 राउंड में से 5 अंक (5/9) अर्जित किए और अपने आयु वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया। उनके खेल में संयम, रणनीति और आक्रामकता का संतुलन देखने को मिला, जो आमतौर पर इस उम्र के खिलाड़ियों में कम ही दिखाई देता है। हर मुकाबले में उन्होंने धैर्य के साथ चालें चलीं और कठिन परिस्थितियों में भी मुकाबला करते हुए अपनी मजबूत मानसिकता का परिचय दिया।

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टूर्नामेंट के समापन समारोह में अर्नव को बिहार सरकार की खेल एवं सूचना प्रावैधिकी मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह और शिक्षा, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सुनील कुमार के हाथों ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मौजूद खिलाड़ियों, कोच और अभिभावकों ने अर्नव की उपलब्धि की सराहना की।

अर्नव की इस सफलता के पीछे उनके कोच दिव्यान्शु जी और विक्की विशाल सर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दोनों कोचों ने अर्नव की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई है। परिवार के सदस्यों ने भी लगातार उनका उत्साहवर्धन किया, जिसका परिणाम आ यूजज पूरे जिले के सामने है।

कम उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर अर्नव ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन, मेहनत और समर्पण हो तो छोटे शहरों के बच्चे भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे सिवान और बिहार के लिए गर्व का विषय बन गई है।

स्थानीय लोगों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि अर्नव जैसे प्रतिभाशाली बच्चों को उचित मंच और संसाधन मिलें तो वे देश का नाम विश्व पटल पर रोशन कर सकते हैं। अर्नव की इस उपलब्धि ने सिवान जिले के अन्य बच्चों को भी प्रेरित किया है कि वे खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ें और अपने सपनों को साकार करें।

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